कॉन्ग्रेस को शाहरुख याद नहीं है। लेकिन, जामिया में गोली चलाने वाले नाबालिग का चेहरा दिखाने से उसे गुरेज नहीं। क्यों? सिर्फ इसलिए कि वह नाबालिग एक हिंदू था।
"आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के लगभग 30 हजार करोड़ रुपए ज्यादा बचे हैं। आप सोचिए, इस योजना ने गरीबों को कितनी बड़ी आर्थिक चिंता से मुक्त किया है। अनेकों गंभीर बीमारियों का इलाज गरीबों ने अच्छे अस्पतालों में मुफ्त कराया है।"
कैप्टन अमरिंदर सिंह और पाकिस्तानी रक्षा मामलों की पत्रकार अरूसा आलम के बीच काफ़ी नज़दीकी रिश्ते हैं। दोनों ही अपने इस कम मशहूर ‘अफेयर’ को लेकर सार्वजनिक रूप से बात करने से कतराते हैं।
एमबीए के दौर में इवेंट मैनेजमेंट एक विषय बन चुका है, और आंदोलन में ग्लैमर की कमी हमेशा रही। अगर आंदोलन आदि व्यवस्थित तरीके से नहीं होंगे, तो इस विषय को शादी की प्रीवेडिंग फोटोशूट और 'राते दीया बुता के पीया क्या-क्या किया' वाले नाच तक में ही समेट दिया जाएगा।
स्वयंसेवकों ने समुदाय विशेष के एक युवक को सरिया चोरी करते हुए पकड़ा था, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया। इसी आरोपित के साथियों ने बाद में आरएसएस कार्यालय पर हमला बोल दिया।
दिल्ली हाईकोर्ट में कपिल मिश्रा सहित अन्य भाजपा व संघ नेताओं के खिलाफ केस करने में उसका सबसे बड़ा हाथ था। वो दिल्ली दंगों में हिन्दुओं को जेल भिजवाने का दावा भी करता है।