ज़ैनब सिकंदर एक लाइन का कुछ लिखें या हजार शब्दों का कुछ लिखें, उसका एक ही मकसद है अपनी हिन्दूघृणा को साकार रूप देना और अपने 'मजहबी टार' को अपनी कल्पनाओं के साहित्य से सींचना।
'विश्व बुक्स' की अधिकतर पुस्तकें हिन्दूघृणा से सनी हुई हैं। इसमें ब्राह्मणों को खलनायक बताया गया है और धर्मग्रंथों को कूड़े-करकट की तरह पेश किया जाता है।
पुष्यमित्र शुंग ने भारतवर्ष में क्षीण हो रहे सनातन धर्म की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखा था। इसकी वजह से वामपंथी इतिहासकारों ने उसे नरसंहारक और कट्टर के तौर पर पेश किया।