प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस बार विश्व के कोने-कोने में लोग अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। इस वर्ष योग दिवस की थीम 'योगा फॉर वसुधैव कुटुंबकम' है।
"मैं सोचता रहा, मतभेद तो हो सकता है, लेकिन मेरे भाइयों में अचानक इतनी कड़वाहट कहाँ से आ गई कि वो श्रीराम का दर्शन भूल गए जो हर माँ को अपनी माँ मानते थे।"
'वाक्यज्ञ' - अर्थात जो वाक्य के मर्म को समझता हो। वाणी ऐसी मधुर कि तलवार उठाया हुआ शत्रु भी झुक जाए। वेदों के ज्ञाता थे हनुमान जी। बिना अशुद्धि धाराप्रवाह बोलते थे। उच्चारण सटीक था, भाव-भंगिमा उनकी वाणी का साथ देती थी।