अंग्रेज कूटनीतिज्ञ सर थॉमस रो ने लिखा है कि जहाँगीर एक नंबर का शराबी था और ड्रग्स भी लेता था। उसकी 400 बेगम थीं। रो उसके ड्रिंकिंग पार्टनर भी बन गए थे।
परमार वंश के महाराजा उदयादित्य के राजमहल के एक बंद दरवाजे पर टँगा वह साइनबोर्ड नए इतिहास की घोषणा कर रहा है- ‘निजी संपत्ति, उदयपुर पैलेस, वार्ड नंबर-14, खसरा नंबर-822, काजी सैयद इरफान अली, काजी सैयद महबूब अली, काजी सैयद अहमद अली।’
माँ नूरजहाँ को निकाल बाहर किया। ससुर की आँखें फोड़वा डाली। बीवी 14वें बच्चे को जन्म देते हुए मरी। हिन्दुओं पर अत्याचार किए। आज वही व्यक्ति लिबरलों के लिए 'प्यार का मसीहा' है।
दिल्ली के चाँदनी चौक पर बोस के हमले में गवर्नर जनरल लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंग बीवी सहित बच निकला, पर उसका कंधा फट गया। बाद में उसने अपने कार्यकाल को लेकर कई खुलासे किए।
आज 'किसान आंदोलन' के बहाने दंगाइयों का समर्थन हो रहा है और खालिस्तानियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में हमें बारदोली सत्याग्रह को याद करने की ज़रूरत है।
जब 1907 में सूरत में कॉन्ग्रेस पार्टी का अधिवेशन हो रहा था तो दोनों हिस्सों के बीच तल्खियाँ बढ़ गईं। इस वक्त बीएस मुंजे ने खुलकर तिलक का समर्थन किया और यही वजह रही कि तिलक के वो भविष्य में भी काफी करीबी रहे।