भारत की बात

124 भारतीय जाँबाजों ने जब गिराई थी 1300 चीनियों की लाश, पैर से गोली चलाने वाले मेजर शैतान सिंह को ‘परमवीर’ सम्मान

मेजर खून से लथपथ हो चुके थे। उन्‍होंने मेडिकल हेल्प लेने से इनकार कर दिया। सैनिकों को आदेश दिया कि एक मशीनगन लेकर आओ और पैर से बाँध...

केरल का सिंह, जिससे काँपते थे टीपू और ब्रिटिश: अंग्रेजों ने बताया स्वाभाविक सरदार, इतिहासकारों ने नेपोलियन से की तुलना

केरल में उन्हें सिंह कहा जाता है। इतिहासकार उनकी तुलना नेपोलियन से करते हैं। दुश्मन अंग्रेजों ने उन्हें 'स्वाभाविक नेता' बताया। मैसूर की इस्लामी सत्ता उनसे काँपती थी।

मसूद की फौज दर्रे में घुसती और दो टुकड़े कर डालते मराठा: शिवा नाई, बाजी और शिवाजी के विशालगढ़ पहुँचने की गाथा

"मेरे बहादुरों। हमारे राजा जब तक गढ़ न पहुँच जाए, तब तक एक भी शत्रु इस दर्रे से होकर नहीं गुजरना चाहिए। मराठी आन की लाज हमारे हाथों में है। हर हर महादेव!"

बाँका में मिले नदी-घाटी सभ्यता के अवशेष: ईंटें किश्चियन तारीख से पहले के, ग्रीक लेखकों ने भी किया था वर्णन

बिहार के बाँका जिले के भदरिया गाँव के समीप चांदन नदी के बीच कुछ अति-प्राचीन घरों की शृंखला मिली है। घरों की दीवारें 20 से 30 फीट तक चौड़ी...

धर्मराज, उनका दीवान और वो दीवार… त्रावणकोर में खोदी गई थी हिन्दुओं और ईसाइयों के नरसंहारक टीपू सुल्तान की ‘कब्र’

जानिए कैसे एक दीवार की मदद से त्रावणकोर के महान राजा धर्मराज राम वर्मा और राजा केशवदास पिल्लई की जोड़ी ने टीपू सुल्तान को कई बार भगाया।

नेहरू से मतभेद, कॉन्ग्रेस में बढ़ता मुस्लिम तुष्टीकरण… ‘पंजाब केसरी’ ने ऐसे बढ़ाया हिन्दू महासभा को

जब उनका पंडित मोतीलाल नेहरू से राजनैतिक मतभेद हो गया तो उन्होंने 'नेशनलिस्ट पार्टी' का गठन किया और पुनः असेम्बली में पहुँच गए।

अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान को समर्पित संग्रहालय बनवाएगी मोदी सरकार, ASI ने शुरू किया काम

यहाँ कई मंदिर भी थे, जिसे इस्लामी आक्रांताओं ने ध्वस्त कर दिया। कुव्वतुल इस्लाम मस्जिद के लिए मुख्यतः इन्हीं ध्वस्त मंदिरों के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था।

इस बाल दिवस छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास को याद कीजिए

नेहरू के खोखलापन के बारे में आरके लक्ष्मण ने 60 साल पहले बता दिया था। पर भगेरन तिवारी के बेटे और अभिराम दास न होते तो हम और आप यह जान भी नहीं पाते कि जन्मस्थान में बाल मूर्ति का होना भी नेहरू को खटकता था।

कश्मीरी हिन्दुओं के लिए भारत ही नहीं शेख के यार नेहरू की नाराजगी को भी चुना था महाराजा हरि सिंह ने, आज ही के...

महाराजा हरि सिंह को नेहरू का शेख अब्दुल्ला के साथ मैत्रीपूर्ण बर्ताव बिलकुल नहीं पसंद था। जबकि जिन्ना को लग रहा था कि J&K की बहुसंख्यक आबादी के कारण महाराजा उनके साथ ही शामिल होंगे।

विभाजन के बाद की पहली दिवाली: कबाइलियों के आतंक से J&K को बचाने में RSS की भूमिका

11 नवंबर, 1947 को देश में दिवाली मनाई जा रही थी, उस समय राजौरी कबाइलियों के आतंक में जुल्म में जल रहा था। तीस हजार से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।

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