भारत की बात

मलेच्छों से शिवाजी की रक्षा करने वाले संत: इन्द्रायणी नदी में पारिवारिक विरासत प्रवाहित कर भगवद्भक्ति का मार्ग चुना

शिवाजी सब कुछ छोड़ कर भक्तिभाव से तुकाराम के साथ रहना चाहते थे, किन्तु तुकाराम ने उनसे कहा कि आप जो कर रहे हैं वही आवश्यक है। परामर्श के लिए समर्थ गुरु रामदास से मिलने को कहा। समर्थ गुरु रामदास ने शिवाजी का योग्य मार्गदर्शन किया।

नारायण स्वामी मंदिर को ढाह कर बनाया गया देवल मस्जिद… और राज्य सरकार हिंदू-इस्लामी वास्तुकला पर ताली बजा रही!

केवल इतिहासकार नहीं, बल्कि 'मस्जिद' के भीतर रखा गया 11वीं शताब्दी का शिलालेख भी इस बात को संदर्भित करता है कि पहले ये 'मस्जिद' इंद्रनारायण का मंदिर था। लेकिन राज्य सरकार की तुष्टिकरण वाली ऐसी क्या मजबूरी कि वो सच बोलने से बचती है?

भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हिन्दू ही थे: अंत समय में नेहरू ने बयाँ की थी ‘सच्चाई’

ये इंटरव्यू उसी महीने का है, जिस महीने नेहरू का निधन हुआ था। उसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि हिन्दुओं ने कभी धर्मान्तरण नहीं किया लेकिन इस्लाम का ये हमेशा से एक अंग रहा है।

मुगलों को धूल चटा दिल्ली में भगवा लहराने वाले सिंधिया, दिग्विजय के ‘गद्दार’ पूर्वज को सबक सिखाने वाले सिंधिया

इतिहास का यह पन्ना सन् 57 से भी पुराना है। तब सम्पूर्ण भारतवर्ष में मराठा शासन का प्रभाव चरम पर था। मुगलों से अपने तलवे चटवाने वाला एक सिंधिया भी था। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के पूर्वजों की बगावत को कुचलने वाला भी सिंधिया ही था।

अफजल को मारा, शाहिस्ता को हराया और औरंगज़ेब को नाकों चने चबवाया: छत्रपति शिवाजी के प्रमुख युद्ध

1659 में आदिलशाह ने छत्रपति शिवाजी के साम्राज्य को नष्ट करने के लिए 75000 सैनिकों की सेना के साथ अफ़ज़ल खान को भेजा। छत्रपति शिवाजी ने कूटनीतिक तरीके से अफजल खान को मार डाला। फिर उन्होंने आदिलशाही सल्तनत पर बड़े हमले शुरू करने के लिए अपने सैनिकों को संकेत दिया।

वो शिवा जिसने शिवाजी की जान बचाने के लिए ख़ुद का बलिदान दिया: जब 300 मराठों ने 1 लाख की फ़ौज को हराया

छत्रपति शिवाजी ने आधी रात को 300 सैनिकों के साथ हमला किया। उस वक्त लालमहल में शाहिस्ता खान के लिए 1,00,000 सैनिकों की कड़ी सुरक्षा थी। इस हमले से छत्रपति ने दुनिया को कमांडो ऑपरेशन की तकनीक दिखाई।

जीभ काटी, आँखें फोड़ी, नाखून उखाड़े, सर काट कर कुत्तों को खिलाया: छत्रपति संभाजी महाराज को मिली इस्लाम कबूल न करने की सज़ा

छत्रपति संभाजी महाराज के शरीर के अंग काट लिए जाते थे और रात भर तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता था। फिर भी उन्होंने इस्लाम कबूल नहीं किया।

Holi: कहीं लड्डू मार तो कहीं होली पर लड़की भागकर करती है शादी, लोग अंगारों पर चलकर मनाते हैं रंगोत्सव

ब्रज क्षेत्र में फाल्गुन माह लगते ही होली की शुरूआत हो जाती है, लेकिन इसके सबसे खास बरसाने की लड्डू मार होली और लट्ठ मार होली मानी जाती है। वृंदावन मथुरा और खासकर बरसाना में मनाई जाने वाली लट्ठ मार होली और लड्डू मार होली को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की भीड़ एकत्र होती है।

राग-विराग-वैराग की नगरी काशी: क्यों खेली जाती है महाश्मशान के चिता भस्म से होली, जोगीरा-बुढ़वा मंगल की परंपरा

सनातन में ऐसी कहानियों का बहुत गूढ़ अर्थ था। प्रतीक रूप से ऐसा माना जाता है कि प्रह्लाद का अर्थ आनन्द होता है। वैर और उत्पीड़न की प्रतीक होलिका (जलाने की लकड़ी) जलती है और प्रेम तथा उल्लास का प्रतीक प्रह्लाद (आनंद) अक्षुण्ण रहता है।

काशी की राजकुमारी, अयोध्या के राजकुमार और युद्ध से बना रक्त का कुंड… जब स्वयं प्रकट हुईं माँ आदि शक्ति

यह दुर्गा मंदिर काशी के पुरातन मंदिरों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक जिन दिव्य स्थलों पर देवी माँ साक्षात प्रकट हुईं, वहाँ निर्मित मंदिरों में उनकी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई है, ऐसे मंदिरों में चिह्न पूजा का ही विधान है। दुर्गा मंदिर में भी प्रतिमा के स्थान पर देवी माँ के मुखौटे और चरण पादुकाओं का पूजन होता है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें