आइसोलेशन कोच तैयार करने के लिए बाथरूम, गलियारे और दूसरी जगहों पर भी बदलाव किया गया है। बोगियों में आइसोलेशन वॉर्ड के साथ ही मरीजों के लिए साफ-सुथरे टॉयलेट का भी प्रबंध किया है।
"मैं निश्चित रूप से कहूँगा कि यह एक अभूतपूर्व स्टेज है क्योंकि हमने कभी इस तरह की मुश्किल पहले नहीं देखी। कंडोम और भी महँगा हो सकता है। हम अभी भी अपने सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन दे रहे हैं, जबकि कंपनी के कर्मचारी केवल आधे समय ही काम कर रहे हैं। इसलिए आगामी समय में कंडोम की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।"
रेपो रेट 0.75 फीसदी की कटौती के साथ 4.4% हो गया है। इससे लोन की मासिक किस्तें घटेंगी। कटौती का फायदा होम, कार या अन्य तरह के लोन सहित कई तरह के ईएमआई भरने वाले करोड़ों लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही नए लोन लेने वाले ग्राहकों को भी फायदा मिलेगा।
एक टिकटॉक यूजर ने टॉयलेट सीट चाटने की अपनी विडियो पोस्ट की थी। लोगों ने काफी आलोचना की, फिर भी उसे फर्क नहीं पड़ा। इस हरकत के कुछ दिन बाद वह कोरोना से पाया गया है। इसकी जानकारी भी उसने खुद विडियो के जरिए दी है।
"लॉकडाउन के साथ यह खतरा है कि अगर हम मजबूत जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जरूरी कदमों को प्रभाव में नहीं लाते हैं तो आवागमन आदि गतिविधियों पर लगी रोक और लॉकडाउन खत्म होते ही, इस वायरस के वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी।"
WHO का हेल्थ अलर्ट पाने के लिए फोन कॉन्टैक्ट्स में नंबर 41 79 893 1892 सेव करें। सेवा शुरू करने के लिए व्हाट्सएप मैसेज में केवल 'Hi' शब्द को टेक्स्ट करें। यह सेवा आपको कई जानकारियॉं देगी। आपको लगातार अपडेट करता रहेगा।
देश का जनमानस लम्बी दूरी की सुलभ व सस्ती यात्रा के लिए हमेशा से रेलवे को प्राथमिकता देता रहा है। इसे ध्यान में रख मोदी सरकार रेलवे का कायाकल्प करने की दिशा में बढ़ रही है। सुरक्षा, तकनीक, सुविधा और रफ्तार पर सरकार का फोकस है।
"ऊपर वाले ने जब खाने के लिए इतनी सारी चीजें बनाई हैं तो फिर आपको क्या जरूरी है ऐसी अजीब चीजें खाने की। कभी चमगादड़ खा रहे हैं, कुत्ते खा रहे हैं तो कभी बिल्लियाँ खा रहे हैं तो कभी क्या खा रहे हैं। मुझे तो बिल्कुल समझ नहीं आता इन सब चीजों को खाने की जरूरत ही क्या है। पूरी दुनिया रिस्क पर आ गई है, हर चीज खराब हो गई है।"
उस समय दुनिया आज की तरह ग्लोबल नहीं थी। फिर भी उस वायरस को दुनिया को अपनी चपेट में लेते वक्त नहीं लगा। उस समय दुनिया का हर चौथा शख्स इससे प्रभावित था। मृतकों में से आधे से ज्यादा 20 से 30 की उम्र के थे।
इस संबंध में अंतिम फैसला शनिवार 14 मार्च को लिया जाएगा। लेकिन, माना जा रहा है कि इस बार IPL केवल प्रसारण के उद्देश्य होगा और मैच बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।