"पाकिस्तान को यह मानना होगा कि उन्होंने जो मॉडल अपने लिए बनाया है, वह काम नहीं कर रहा है। आप जिहाद को सरकारी तंत्र की वैधता-प्राप्त नीति नहीं बना सकते।"
गुलाम सरवर खान अपनी हरकत से सोशल मीडिया में मजाक का केंद्र बन गए। एक यूजर ने कहा कि पाकिस्तान को मनोरंजन इंडस्ट्री की जरूरत नहीं है, क्योंकि मंत्री काफी मनोरंजन कराते हैं। एक अन्य ने मंत्री जी को पासपोर्ट नहीं होने पर हिजाब पहनने की सलाह दी।
"महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर मुझे ये अवार्ड दिया जाना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। ये इस बात का प्रमाण है कि अगर 130 करोड़ लोगों की जनशक्ति, किसी एक संकल्प को पूरा करने में जुट जाए, तो किसी भी चुनौती पर जीत हासिल की जा सकती है।"
बीएसएनएल के चेयरमैन ने बताया कि कम्पनी ने अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल कर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में बीएसएनएल को 14,000 करोड़ का घाटा हुआ है और कम्पनी का राजस्व घट कर 19,308 करोड़ रुपया हो गया है।
पाकिस्तान की जनता में बढ़ते महँगाई को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनता बेसिक सुविधाओं के लिए मुँहताज हो रही है और इमरान खान अभी भी इस समस्या से न निपटकर भारत के आतंरिक मामले कश्मीर में दखल के लिए दूसरे देशों से समर्थन न दिए जाने के बावजूद भी चक्कर लगा रहे हैं।
भूकंप के कारण पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी, मुर्री, झेलम, चारसद्दा, स्वात, खैबर, एबटाबाद, बाजौर, नौशेरा, मनसेहरा, बत्तग्राम, तोगर और कोहितान में तेज झटके महसूस किए गए।
पाकिस्तान में लंबे समय से अहमदिया समुदाय पर अत्याचार हो रहा है। उन्हें साल 1974 में संविधान में संशोधन के साथ गैर मुस्लिम घोषित कर दिया गया था। इसके बाद 1984 में जनरल मुहम्मद जिया-उल-हक के शासन में एक सख्त अध्यादेश जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि अगर कोई अहमदिया खुद को मुस्लिम बताएगा, तो वो अपराध की श्रेणी में आएगा।
पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने बालाकोट के आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए थे। यह पहला मौका है जब सार्वजनिक तौर पर इमरान ने यह बात कबूली है। इससे पहले कम से कम दो मौकों पर उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से एयरस्ट्राइक की बात मानी थी।
एक अति-उत्साही पाकिस्तानी पत्रकार ने अपने देश की बेइज्जती करवा दी। उसने कश्मीर को लेकर ट्रम्प के सामने पाकिस्तानी प्रोपगेंडा चलाने की कोशिश की, लेकिन इससे इमरान का ही मज़ाक बन गया। मजबूरी में पाकिस्तानी चैनलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रसारण ही रोक दिया।