सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस.ए. बोबडे, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी के सामने महिला ने अपना बयान दिया था। अब तक हुई तीन सुनवाई में, महिला ने कहा कि उसे डर लग रहा है क्योंकि उसे अकेले इसमें शामिल होना है और यहाँ तक कि उसके वकील को भी कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनने दिया गया।
2015 में इसी प्रकार का एक पीआईएल दाखिल किया गया था जिसमें काग़ज़ातों के साथ राहुल गाँधी की नागरिकता पर सवाल खड़े किए गए थे। इस पीआईएल को सुप्रीम कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था। अदालत ने इस याचिका को औचित्यहीन और तुच्छ करार दिया था।
वह श्री लंका हमले का साज़िशकर्ता ज़हराम हाशिम और इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर के वीडियो देखता था। वह भगोड़ा अब्दुल राशिद के ऑडियो क्लिप्स सुना करता था। वह आतंकी अब्दुल खयूम से भी ऑनलाइन चैट कर रहा था। वह अशफ़ाक़ मज़ीद से भी संपर्क में था।
मेजर जनरल आसिफ गफूर ने रावलपिंडी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि 1947 में पाकिस्तान में 247 मदरसे थे, जो कि 1980 में बढ़कर 2861 हो गए और मौजूदा वक्त में पाकिस्तान में 30 हजार से ज्यादा मदरसे चलाए जा रहे हैं।
इससे पहले इस मायावी और रहस्यमयी हिममानव की मौजूदगी के सबूत मकालू-बरुन नेशनल पार्क में मिले थे। सेना की पर्वतारोही टीम ने कुछ तस्वीरें जारी की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये क्रॉस ब्रीड भालू है। कुछ ने राक्षस जैसा तो कुछ लोगों ने इसे मददगार बताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वापसी के बारे में चीनी मीडिया और विशेषज्ञ क्या सोचते हैं? राहुल गाँधी के बारे में क्या है चीन में चर्चा? चीन को भरोसा है कि मोदी वापस लौटेंगे और वहाँ की मीडिया में 'डिजिटल इंडिया' जैसी भारतीय योजनाओं के साथ-साथ मोदी की वैश्विक कूटनीति की भी चर्चा है।
“हमने हिंसक चरमपंथी संगठनों और जिहादी संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया है और हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। दहशतगर्दी का समूल नाश करने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। हमारे देश ने इस दहशत के साम्राज्य के कारण बहुत नुकसान उठाया है। आतंकवाद के कारण लाखों डॉलर गँवाए हैं।”
कंगना ने साफ़-साफ़ कॉन्ग्रेस पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक वो लोग सत्ता में थे तब तक देश में ग़रीबी, भूखमरी और प्रदूषण का माहौल तो था ही, साथ-साथ बलात्कार की घटनाएँ भी बढ़ गई थीं। कंगना ने लोगों से बड़ी संख्या में देश के लिए वोट करने की अपील की।