पुलिस रंजीत बच्चन के सोशल मीडिया अकाउंट्स खँगाल रही है। कमलेश तिवारी हत्याकांड के 3 आरोपित हाल ही में जमानत पर बाहर निकले हैं। कमलेश को सोशल मीडिया के जरिए फँसाया गया था। रंजीत के हत्या की भी इस कोण से जाँच हो रही है।
साकेत ने ट्वीट कर दावा किया था कि उसे 'देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को' नारे के साथ रैली की अनुमति मिली है। बिना पुष्टि के कई मीडिया हाउस ने इसे हवा दी। इनमें प्रोपेगेंडा साइट द वायर से लेकर कॉन्ग्रेस मुखपत्र नेशनल हेराल्ड तक शामिल है।
इस रैली में न सिर्फ़ शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए बल्कि जम्मू कश्मीर की 'आज़ादी' की भी बात कही गई। 'राजीव तेरे सपनों को, रावण तेरे सपनों को, पायल तेरे सपनों को- हम मंज़िल तक पहुँचाएँगे' जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए।
मास्टरमाइंड शरजील इमाम पर शिकंजा कसने के बाद शाहीन बाग के उपद्रवी विरोध-प्रदर्शन बंद करने बहाना ढूँढ रहे हैं। हिन्दू सेना की धमकी, जामिया नगर फायरिंग और शाहीन बाग़ फायरिंग का हवाला दे लोगों से जमा होने का कहा जा रहा है।
घटना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ गृह क्षेत्र की है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने इसे निर्भया से भी भयावह घटना बताते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर पुलिस ने शव ले जाने को कहा।
रंजीत बच्चन मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे। सुबह की सैर के वक्त उनकी हत्या की गई। घटना में उनके भाई भी घायल हुए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। बीते साल लखनऊ में ही हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी।
सज्जाद ने शरजील इमाम का भी बचाव किया था। देशद्रोह के आरोपित शरजील को राष्ट्रवादी बताया था। कश्मीरी छात्र नेता सज्जाद ने पुलवामा आतंकी हमले के समय पूछा था कि कहीं इसके पीछे अपनी ही एजेंसियों का तो हाथ नहीं?
वरुण ग्रोवर और अनुराग कश्यप जैसों की नज़र अब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक पर है। उसे धीमे-धीमे बर्बाद करने की साज़िश रची जा रही है। IIT बॉम्बे को चंद वामपंथी प्रोफेसरों व छात्रों ने बंधक बना लिया है। रवीश कुमार व अन्य वामपंथी मीडिया उनका समर्थन कर रहे हैं।
घटना सिंतबर 2009 की है। शामली में क्रिकेट मैच के दौरान शमशाद और सलीम के बीच कहासुनी हो गई थी। इसके अजहरुद्दीन और सरवर ने शमशाद को पकड़ा और सलीम ने तमंचे से गोली मार कर हत्या कर दी।
आरोपित कहता दिख रहा है कि हमारे देश में किसी की नहीं चलेगी, सिर्फ़ हिन्दुओं की चलेगी। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। कहा जा रहा है कि आरोपित ने शाहीन बाग़ के उपद्रवियों को वहाँ से जाने व विरोध प्रदर्शन स्थगित करने की चेतावनी दी थी। लेकिन, वे नहीं माने।