धोखाधड़ी के इस मामले की सबसे पहली रिपोर्टिंग ऑपइंडिया ने अक्टूबर 2018 में की थी। सचिन उपाध्याय को उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की जाँच कर रहे एक विशेष जाँच दल की रिपोर्ट के आधार उनके घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया।
“देश हमेशा सबसे पहले है। जिंदगी इंतजार करेगी यह वादा है। एक सैनिक की जिंदगी का बस एक और दिन। भारतीय सेना का एक जवान कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की वजह से अपनी शादी में नहीं पहुँच सका। दुल्हन के परिवार वाले नई तारीख को लेकर...”
"मैं 65 से ज्यादा धमाके कर चुका हूँ और अब तक मुझ पर सिर्फ़ तीन आरोप ही साबित हुए हैं। मैंने पुलिस वालों को धमाके में मारा और अब तक वह खुद पर हुए हमले के साक्ष्य नहीं जुटा पाई, इसी से अंदाजा लगा लो क्या स्थितियाँ हैं।"
"भारत में शक्ति का केंद्र सिर्फ संविधान है और कोई दूसरा शक्ति केंद्र हो, ऐसी हमारी कोई इच्छा नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो हम विरोध करेंगे। संविधान में देश के भविष्य की तस्वीर एकदम साफ है। वही प्रारंभ बताता है और गंतव्य भी।"
कश्मीरी पंडित इस दौरान 'कश्मीरी पंडितों को न्याय दो' के नारे लगाने शुरू कर दिए थे। कश्मीरी पंडितों की इस नारेबाजी से नाराज होकर CAA-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ झड़प कर दी, जो कि कुछ ही देर में हाथा-पाई में बदल गई।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रियासी के मुरी गाँव में एक फुटब्रिज और एक पानी की टंकी का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "आज, मुझे कई विकास परियोजनाओं के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों के संबंध में उपायुक्त द्वारा आदेश जारी किए गए थे।"
आरोपित कई दिनों से धनिराम को परेशान कर रहे थे। 14 जनवरी की रात उस पर केरोसिन उड़ेल आग लगा दी। आरोपितों के समुदाय विशेष से जुड़े होने के कारण शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की गई।
रायगढ़ पुलिस ने ट्रक ड्राइवर राजेश पांडुरंग द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अभिनेत्री शबाना आज़मी के कार ड्राइवर अमलेश कामत के ख़िलाफ़ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। राजेश के मुताबिक़, गाड़ी की रफ़्तार अधिक होने के कारण ही ट्रक में कार जा घुसी।
नदीमर्ग तत्कालीन सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के पैतृक गॉंव से महज 7 किमी दूर है। 54 लोगों की आबादी वाले इस गॉंव में 7 आतंकी घुसे। हिंदुओं को उनके नाम से पुकार घरों से बाहर बुलाया। चिनार के पेड़ के नीचे सबको जमा किया और...
250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कुलपति को मेल व मैसेज के जरिए अपनी परेशानी बताई है। इनका कहना है कि कब तक इस आंदोलन के चलते यूनिवर्सिटी को बंद रहेगा। परीक्षाओं के साथ भी तो वे आंदोलन जारी रख सकते हैं।