पुलिस ने बताया कि पीड़िता और इस अपराध के पीछे का मास्टमाइंड महबूर मियाँ खान पिछले एक साल से संबंध में थे। रविवार को लड़की अपने घर से बाजार जाने को कहकर निकली थी। लेकिन महबूर उसे अपने साथ बेलखोर इलाके में सुनसान जगह ले गया और...
JNU में हुई हिंसा में छात्र संघ प्रेसीडेंट आइशी घोष समेत चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, प्रियरंजन, योगेंद्र भारद्वाज, वास्कर विजय मेक, सुचिता तालुकदार, डोलन सामंता और विकास पटेल का नाम शामिल है। हिंसा के पीछे एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी हाथ है, जिसका नाम है- यूनिटी अगेन्स्ट लेफ्ट।
CAA के विरोध की आड़ में इस्लामिक कट्टरपंथियों और वामपंथियों ने हिंदू विरोधी नारे लगाए। 'फक हिंदुत्व' लिखकर 'ऊँ' चिह्न का भरी दुनिया के सामने अपमान किया। अब इसी इस्लामिक भीड़ ने शाहीन बाग के प्रोटेस्ट में जिन्ना वाली आजादी के नारे लगाए और वहाँ किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जताई।
AMU में विरोध प्रदर्शन के नाम पर एक बार फिर आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का मामला सामने आया है। अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में करीब 60 छात्रों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। भड़काऊ नारेबाज़ी करने वालों से सख़्ती से निपटने की बात कही गई है।
जनगणना पारंपरिक पेन और पेपर के बजाए मोबाइल फोन एप्लीकेशन के जरिए होगी। अधिसूचना में साफ शब्दों में कहा गया है कि मोबाइल नंबर सिर्फ जनगणना के मकसद से ही पूछा जाएगा। इसके अलावा परिवार के मुखिया का नाम, शौचालय का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, पीने के पानी के स्नोत जैसे सवाल पूछे जाएँगे।
हालात का जायजा लेने के बाद विदेशी राजनयिकों ने कहा कि स्थानीय लोगों ने रक्तपात के पाकिस्तानी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हिंसा के लिए पाकिस्तान को ही कसूरवार ठहराते हुए स्थानीय लोगों ने उस पर दबाव बनाने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वे सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे। इंटरनेट पर एक समय-सीमा तक ही रोक लगनी चाहिए।
वीसी ने हिंसा के कारणों की पड़ताल करने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाने को लेकर समिति गठित की है। लेकिन, JNUTA ने इसमें शामिल सदस्यों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। JNUTA वैचारिक रूप से JNUTF का विरोधी माना जाता है।
देश में बलात्कार की कुल 33,356 घटनाएँ दर्ज की गई। इनमें से करीब 16 फीसदी मध्य प्रदेश में हुई। राज्य में बलात्कार का शिकार होने वाली लड़कियों में 2,841 की उम्र 18 साल से कम थी।
जेएनयू छात्रों के एक धड़े के प्रदर्शन के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया हुआ। एक प्रदर्शनकारी युवती ने विजय चौक पर आईपीएस अधिकारी इंगित प्रताप सिंह के अँगूठे पर दाँत से काट लिया। दॉंत काटने वाली युवती की पहचान नहीं हो पाई है।