यह पहला मौका नहीं है जब जेएनयू के छात्रों ने वीसी पर हमला किया हो। इससे पहले भी जेएनयू में प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होने पर यहाँ के छात्रों ने विरोध किया था और कुलपति जगदीश कुमार के घर में लगभग 400-500 छात्रों ने हमला किया था।
'कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिनसे देश में हालात विस्फोटक हो सकते है, यह मुद्दा भी ऐसा ही है। हम कोई हिंसा नहीं चाहते, मंदिर में पुलिस की तैनाती बहुत अच्छी बात नहीं है। यह बेहद भावनात्मक मुद्दा है। हजार साल से वहाँ परम्परा जारी है।''
“ये अमित शाह या मोदी के बाप का मुल्क नहीं है। 800 वर्षों तक हमने देश पर राज किया, लेकिन हमारी हड्डी में उबाल नहीं आया। अगर हम अपने पर आ गए तो भागने का रास्ता नहीं रहेगा।”
उस्मान ने दरवाजे पर दस्तक दी। दरवाजा खुलते ही बुजुर्ग के गले पर वार किया। फिर आकिब के साथ भीतर दाखिल हुआ। बुजुर्ग की पत्नी को दोनों ने बेड पर धकेला और चाकू से गला रेत दिया।
तेरा मेरा रिश्ता क्या-ला इलाहा इल्लल्लाह, ये शहर जगमगाएगा- नूर-ए-इलाहा से। वैसे ही नारे जैसे कश्मीर में पाकिस्तान के समर्थन में आतंकी लगाते हैं। जामिया में प्रदर्शन के दौरान पुलिस को उकसाने के किए गए तमाम जतन। कहा- पुलिस बचकर जाने न पाए। उसे छोड़े ना।
मौजूदा क़ानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल यहाँ रहना अनिवार्य था। नए कानून में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए यह अवधि घटाकर 6 साल कर दी गई है।
उस समय बजरंग दल व अन्य हिन्दू संगठनों ने उनकी मदद की। उपायुक्त ने भी उन्हें वहाँ रहने की छूट दे दी। इसके बाद वे वर्ष 2006 में रोहतक से फतेहाबाद के रतिया क़स्बे के निकट गाँव रतनगढ़ में आकर रहने लगे। यहाँ वो पिछले 13 सालों से रह रहे हैं।