ब्राह्मण महासभा से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश शर्मा की हत्या के मुख्य आरोपित नासिर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उस पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
उत्तराखंड में दीपावली के 11 दिन या एक माह बाद माने जाने के पीछे एक और मान्यता बताई जाती है। कहा जाता है कि गढ़वाल क्षेत्र में भगवान राम के अयोध्या पहुँचने की खबर दीपावली के ग्यारह और कुछ स्थानों में एक माह बाद मिली और इसीलिए ग्रामीणों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बाद दीपावली का त्योहार मनाया था और इसी परंपरा को निभाते गए।
"बिशप फ्रैंको के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज करने के बाद, क्रिश्चियन टाइम्स नामक एक यूट्यूब चैनल लगातार मुझे और मेरी साथी बहनों को बदनाम कर रहा है। हमें संदेह है कि चैनल बिशप फ्रैंको और उनके साथी कार्यकर्ताओं द्वारा चलाया जाता है।"
ऑर्डर के लिए विशेष इंस्ट्रक्शन में अजय कुमार ने लिखा, "बहुत कम मसाले। और कृपया डिलीवरी करने वाले व्यक्ति के लिए हिन्दू का ही चयन करिएगा। सारी रेटिंग इसी के आधार पर होगी।"
"कमलेश सर, मेरा नाम संजय है। मेरी बहन को एक मुस्लिम लड़के ने अपने प्यार में फँसा लिया है।" - संजय बने मोइनुद्दीन ने कमलेश तिवारी को यही फर्जी कहानी सुना कर बातचीत को आगे बढ़ाया। उसकी कहानी सुलकर कमलेश आवेश में आ गए और...
"ये बेहूदा है कि हेलीकॉप्टर एक पुष्पक विमान है। उसमें तीन मॉडल मेकअप करके राम, लक्ष्मण और सीता बनकर आते हैं। फिर वहाँ मौजूद लोग उनकी पूजा करते हैं। मैं इस देश में ये सब नहीं देखना चाहता हूँ। ये वाहियात है।"
इस मामले में सभी साज़िशकर्ता और दोनों हत्यारे पकड़े जा चुके हैं। सूरत से मौलाना शेख, फैजान और रशीद पठान को गिरफ़्तार किया गया था। संदिग्ध हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन राजस्थान और गुजरात की सीमा से दबोचे गए थे।
नृशंस हत्या का विरोध करने और हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात करने के बजाय जमीयत-उलेमा-ए-हिंद हत्यारों के बचाव में सामने आया है। जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि हत्यारों को बचाने में जो भी कानूनी खर्च आएगा, उसे वो वहन करेंगे।
उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने ख़ारिज कर दी थी। इसके अलावा ईडी का यह भी आरोप है कि रतुल पुरी चॉपर घोटाले के मामले में एक गवाह की हत्या के लिए भी जिम्मेदार हैं।
नावेद पेशे से एक वकील है और लॉ स्टूडेंट भी। पूरी साजिश में नावेद ने ही दोनों हत्यारों को नेपाल पहुँचाने की जिम्मेदारी थी। साथ ही उनके मदरसे में ठहरने और उनके इलाज में भी उसने मदद की थी।