दंपति ने अपनी याचिका में कहा कि उनकी बेटी सुहाना जन्म के बाद से ही हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित है। अब तक विभिन्न अस्पतालों में हुए उसके इलाज में 12 लाख रुपए तक ख़र्च हो चुके हैं, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं है।
थक हारकर कुछ दिन पहले पाक हिन्दू परिवार ने इंसाफ के लिए दिल्ली के हाई कोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से वकील अशोक अग्रवाल ने अदालत में याचिका डाली थी। जिसपर संज्ञान लेते हुए आज अदालत ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया।
"वे कौन होते हैं सद्भावना के नाम पर पेशकश करने वाले? क्या मुस्लिम जनसंख्या उन लोगों के बारे में कुछ जानती है? 0.1% मुसलमानों को भी उनके बारे में मालूम नहीं है।”
"मैं भगवान की सबसे प्यारी बच्ची हूँ। मैं सभी पर्व का आनंद उठा सकती हूँ। मैं अन्य बातों की अपेक्षा प्यार और मानवता को ज्यादा इज्जत देती हूँ। मैं बहुत खुश हूँ और विवादों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
महिला के मुताबिक वह उस रात अपने कमरे में सोए हुए थे, तभी अयूब ने तसलीम से फ्रेंच किस के लिए कहा। उसे लगा अयूब सभी झगड़ों को भुलाकर पैचअप करना चाहता है। लेकिन जैसे ही उसने अपनी जीभ बाहर निकाली, अयूब ने उसकी जीभ को हाथ से पकड़ लिया और......
टोंक जिले में मालपुरा कस्बा हमेशा से संवेदनशील रहा है। यहाँ कहा जाता है कि हर साल 2 या 3 बार हिंदू मुस्लिम आबादी आपस में भिड़ते हैं। जिसके चलते कई बार यहाँ दंगे भी हो चुके हैं।
जाँच एजेंसी ने नौ सीटर डसॉल्ट फाल्कन 200 और एक बॉम्बार्डियर चैलेंजर 300 सहित दो निजी व्यापार जेट्स जब्त किए हैं। इसके साथ ही अलीबाग के अवास बीच पर ढाई एकड़ में फैले उनके घर पर छापे के दौरान तीन एसयूवी बरामद की गई थी।
मध्यस्थता के लिए आयोजित इस बैठक का कुछ मुस्लिम संगठनों ने विरोध भी किया। इत्तेहादुल मुस्लिम मजालिस संगठन ने होटल के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब 18 नवम्बर तक फ़ैसला आ जाएगा तो उससे पहले मध्यस्थता का क्या मतलब है?
मुस्लिम समुदाय ने आस्था के इस पर्व पर हिंसात्मक गतिविधियों को अंजाम देकर न सिर्फ़ हिन्दुओं की आस्था को तार-तार किया बल्कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों में कई तरह के व्यवधान भी डाले। कहीं ईंट-पत्थर, तलवार और हथियार से हमले किए गए। कितनी ही मूर्तियाँ तोड़ी गईं। इतना ही नहीं, विसर्जन के दौरान मार्ग पर मांस के टुकड़े तक बिखेरे गए।