"मुझे इन छापेमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे नहीं मालूम आयकर विभाग के लोग कहाँ छापेमारी को अंजाम दे रहे हैं। उन्हें कर लेने दीजिए। मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है, अगर हमारी तरफ से कोई गलती है तो हम इसे सुधारेंगे।"
फोर्ट अखिल महिला पुलिस स्टेशन में रोथार कानी, उनकी 56 वर्षीय अम्मी आर संसारथ, 69 वर्षीय अब्बू राजा मोहम्मद के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने रोथार को गिरफ़्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एक पिकअप वैन में गो-तस्कर गायों को लेकर जा रहे थे। रात को पेट्रोलिंग कर रही इस टास्क फोर्स ने जब इन तस्करों को देखा तो इनका पीछा किया। करीब 10 किलोमीटर तक टास्क फ़ोर्स ने इनका पीछा किया।
उत्तर प्रदेश, असम, अरुणाचल, पश्चिम बंगाल से लेकर बिहार तक। दुर्गा पूजा से लेकर दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन तक - पिछले 2 दिनों में ऐसी 8 घटनाएँ हुई हैं, जहाँ मूर्ति तोड़ने से लेकर उग्र भीड़ ने हिंदुओं को निशाना बनाया है।
सरकारबाड़ी मन्दिर कहने को गाँव के सरकार परिवार का है, लेकिन पिछले 300 सालों से सभी ग्रामीण सरकारबाड़ी मन्दिर के ‘दुर्गा पूजो’ में शरीक होते हैं। मंगलवार रात को पूजो खत्म होने के बाद मन्दिर का दरवाज़ा बंद किया गया था, लेकिन सुबह यहाँ की खिड़की टूटी मिली।
मूर्ति विसर्जन के लिए जाने वाले रास्ते में माँस का टुकड़ा देखकर श्रद्धालुओं का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने वहाँ नारेबाजी शुरू कर दी। भड़की भीड़ ने इसके बाद इलाके के पास मौजूद माँस की कुछ दुकानों को भी निशाना बनाया और वहाँ खड़ी मोटरसाइकल में तोड़फोड़ की गई।
कोतवाली थानाध्यक्ष ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान जामा मस्जिद के पास कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। साथ ही थानाध्यक्ष ने 12 लोगों को गिरफ़्तार किए जाने की पुष्टि की। सभी को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया।
एडीजी हेडक्वार्टर जीतेंद्र कुमार का कहना है कि शिकायतकर्ता, सबूत उपलब्ध करा पाने में नाकाम रहा। इतना ही नहीं, वह उस पत्र को दिखाने में अक्षम रहा जिसके आधार पर उसने इन हस्तियों पर केस करवाया था।
मृतक शिक्षक संघ से जुड़े थे। मुर्शिदाबाद समुदाय विशेष के अपराध के लिए कुख्यात रहा है। साथ ही बंगाल में भाजपा और संघ से जुड़े लोगों को निशाना बनाने वाली राजनीतिक हिंसा की घटनाओं में भी हाल में काफी तेजी देखने को मिली है।
दूसरे समुदाय के कुछ लोग दुर्गा पूजा के जुलूस में सुबह शामिल भी हुए। वे जुलूस के साथ चलते हुए मस्जिद वाली गली तक भी आए और बाद में पथराव करने वाले अन्य लोग भीड़ का हिस्सा बन गए। पत्थरबाज़ी में “मोहम्मडन” मर्दों के अलावा औरतें और बच्चे भी शामिल थे।