यहाँ पर नक्सली पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। गत वर्ष यहाँ सरकारी भवन को विस्फोटक से उड़ाने से लेकर थाने पर हमले की घटनाएँ हो चुकी हैं।
लखनऊ में लगभग 6,000 ट्रांसजेंडर रहते हैं, लेकिन उनमें से केवल 150 के पास ही उनके वोटर आईडी कार्ड हैं। लखनऊ किन्नर सोसाइटी की अध्यक्ष पायल का कहना है कि सिस्टम उनके खिलाफ धांधली करता है, जिससे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है।
विकास की योजनाओं का मूल्यांकन समय करेगा ही लेकिन नरेंद्र मोदी ने देश के जनमानस के मन पर एक छाप जरुर छोड़ी है। भविष्य में जब कभी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे तब लोग इतना ज़रूर कहेंगे की शासन तंत्र के तंतुओं को अलग तरीके से बुनने वाला एक ऐसा नेता भी था।
अपूर्वा शुक्ला कॉन्ग्रेस पार्टी में करियर बनाना चाहती थी। वह रोहित की राजनीतिक पृष्ठभूमि को सीधी बनाकर विधानसभा का टिकट चाहती थी लेकिन रोहित ख़ुद स्वास्थ्य कारणों से राजनीति में संघर्ष कर रहे थे। अपूर्वा पहले भी कॉन्ग्रेस पार्टी में पद हैं।
इसके अलावा दो अन्य मरीज, शोएब और अमृता देवी के साथ भी पूर्व में ऐसा हो चुका है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण द्वारा जवाब तलब करने पर अस्पताल ने ग़लती स्वीकार की।
मतदान स्थल पर पहुँचे जाकिर पाशा को जिसने भी पैर से मतदान करते देखा, उनकी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकता। इस फोटो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जाकिर लोगों के हीरो बन गए।
अब जनता इनके हर प्रोपेगेंडा का उतनी ही तत्परता से जवाब देती है। इनका हर झूठ इनकी मक्कारी का गवाही देता है। पकड़े जाने पर अक्सर अपना पोस्ट या ट्वीट डिलीट कर ये बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन अपने गलतियों की माफ़ी ये पूरा गिरोह कभी नहीं माँगता।
अपूर्वा के अनुसार, रोहित और कुमकुम के अवैध सम्बन्ध थे। रोहित शेखर की माँ के अनुसार, अपूर्वा का शादी से पहले बॉयफ्रेंड था। अपूर्वा ने हत्या के बाद अपना फोन फॉर्मेट किया। रोहित और कुमकुम ने हत्याकांड से थोड़ी देर पहले साथ में शराब पी थी। अपूर्वा की गिरफ्तारी से हुए कई नए ख़ुलासे।