दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपितों में से एक नाबालिग है, जबकि बाकी दोनों आरोपित बालिग बताए जा रहे हैं। घटना की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में यह तीनों मंदिर में तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं।
"इससे पहले कि आप जज करें कि मैंने कौन से कपड़े पहन रखे थे, मैं आपको बता दूँ कि मैंने नार्मल जीन्स-टॉप ही पहन रखा था। जैसे ही मैं उसकी टैक्सी में घुसी, ड्राइवर ने अपने पेंट की चेन खोल कर अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी। उसने मुझे ग़लत निगाहों से घूरना शुरू कर दिया।"
शाहीन की 5 साल की एक बेटी है और वह जब भी अपनी बच्ची को लेकर ससुराल जाती है तो वहाँ उसके पति के घरवाले उसके साथ मारपीट करते हैं और तीन तलाक का हवाला देकर घर से निकाल देते हैं।
जूता फैक्ट्री चलाने वाले ज़ाहिद ने आरोप लगाया कि उसके समाज के लोगों ने जबरन उसकी फैक्ट्री बंद कराने की कोशिश की और धमकियाँ दीं। इरफ़ान सलीम, शिराज कुरैशी, महमूद ख़ान, राहत अली, नदीम नूर, जुहैर ख़ान, हाजी बिलाल और तालिब शहजाद सहित कई लोगों पर मुक़दमे दर्ज किए गए।
एक बार पूरा होने के बाद और कोई मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे। केवल मूल निवासियों के बच्चों को उनके जन्म प्रमाण पत्र के साथ मूल निवासी प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएँगे
जाँच अधिकारी ने बताया कि क़ानून के अनुसार, अगर 50 रुपए से अधिक क़ीमत के किसी भी जानवर को मार दिया जाए या ज़हर दिया जाए, तो आरोपित को 5 साल की जेल होगी या उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। हालाँकि, जानवर के मालिक के साथ समझौता करना भी एक विकल्प हो सकता है।
आरोपित ने कोर्ट के इस फैसले को 2 जनवरी 2018 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद आरोपी पर फिर से मुकदमा चलने के रास्ते साफ हो गए हैं। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और एन वी रमन्ना की एक पीठ ने आरोपित की याचिका खारिज कर दी और अब उस पर ट्रायल चलेगा।
ISIS के झंडे लहराए गए। तबरेज अली के बैनर-पोस्टर के साथ उसे शहीद का दर्जा देने की माँग की गई। इंस्पेक्टर, सीओ और सिटी एसपी से धक्कामुक्की की गई। राहगीरों को परेशान किया गया। पाँच थानों में 70 नामजद सहित हज़ारों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।
मुजाहिद को 15 दिनों तक पुलिस की हिरासत में रखा जाएगा। पूछताछ में पता चला कि मुजाहिद को जब इस बात की भनक लगी कि वो एआईटी स्कैनर की नज़र में है तो वो दुबई भागने की फिराक में था।
पुलिस के पहुँचने से पहले ही यात्रियों ने सार्वजनिक रूप से आरोपित को पीटना शुरू कर दिया था। यह जानने पर कि पुलिस को बुलाया गया है, आरोपित मोहम्मद ख़ान दया की भीख माँगते हुए उस महिला के पैरों पर गिर गया।