कॉन्ग्रेस के मुखपत्र 'नेशनल हेराल्ड' ने भारत को नीचा दिखाते हुए बांग्लादेश में आम चुनाव 2026 की वाहवाही की है। एक आर्टिकल में लिखा- भारत को बांग्लादेश से सीखने की जरूरत है।
'द इकोनॉमिस्ट' ने हजारों साल पुरानी भारतीय संस्कृति को ऐसे दिखाने की कोशिश की है जैसे बाबर के आने से पहले न तो संस्कृति थी और न भाषा, कला। ये सब हमने मुगलों से सीखा
आरफा ने 'लव जिहाद' को सीधे-सीधे हिंदू महिलाओं का अपमान बता दिया। मतलब जो भी इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा है, वो महिलाओं को नासमझ मान रहा है, यहाँ यही बताने की कोशिश की गई।
खुद को 'निष्पक्ष' पत्रकार बताने वाले रवीश कुमार ने असम के सीएम हिमंता बिस्वा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लगाए आरोपों के मामले में बिना जानकारी के टिप्पणी की।
दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण कुमार की मुस्लिमों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और द वायर इसे 'मामूली विवाद' बता रहा है। हिंदुओं के 'त्रिशूल दीक्षा' कार्यक्रम पर आर्टिकल लिख द वायर ने इसे डर जैसा बता दिया।
गंगा सबकी है ये बात सही है लेकिन यहाँ कुछ फेक न्यूज फैलाई जा रही है इसलिए सबसे पहले फैक्ट्स जानने जरूरी हैं। वाराणसी में जो हुआ वो मुस्लिम युवकों ने जानबूझकर किया।
लेफ्ट-लिबरल प्रोपेगेंडाबाज ईरान को 'बेचारा' मुल्क दिखाते हैं लेकिन अफगानिस्तान में मौत पर चुप रहते हैं। दिल्ली में तरुण की हत्या पर भी इनसे पोस्ट नहीं होती।