विचार

सुबह का ‘प्रोपेगेंडाबाज’ शाम को ‘पलटी मारे’ तो उसे शेखर गुप्ता कहते हैं: कोरोना वैक्सीन में ‘दाल-भात मूसलचंद’ का क्या काम

स्वदेशी वैक्सीन पर दिन-रात अफवाह फैलाने वाले आज पूछ रहे हैं कि सब को वैक्सीन पहले क्यों नहीं दिया? क्या कोरोना वॉरियर्स और बुजुर्गों को प्राथमिकता देना 'भूल' थी?

बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होएः दिल्ली में CM केजरीवाल के ‘मैं हूॅं ना’ पर मजदूरों की बेबस भीड़ क्यों भारी

केजरीवाल ने मज़दूरों से अपील करते हुए 'मैं हूॅं ना' के शाहरुख़ खान स्टाइल में कहा: सरकार आपका पूरा ख़याल रखेगी। फिर भी वही भीड़ क्यों?

कोरोना से लड़ाई में मजबूत कदम बढ़ाती मोदी सरकार: फर्जी प्रश्नों के सहारे फिर बेपटरी करने निकली गिद्धों की पाँत

गिद्धों की पाँत फिर से वैसे ही बैठ गई है। फिर से हेडलाइन के आगे प्रश्नवाचक चिन्ह के सहारे वक्तव्य दिए जा रहे हैं। नेताओं द्वारा फ़र्ज़ी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। शायद फिर उसी आकाँक्षा के साथ कि भारत कोरोना के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई हार जाएगा।

जमातों के निजी हितों से पैदा हुई कोरोना की दूसरी लहर, हम फिर उसी जगह हैं जहाँ से एक साल पहले चले थे

ये स्वीकारना होगा कि इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब बिहार में चुनाव हो रहे थे। लेकिन तब 'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' वालों ने जैसे नियमों से आँखें मूँद ली थी।

मनमोहन सिंह का PM मोदी को पत्रः पुराने मुखौटे में कॉन्ग्रेस की कोरोना पॉलिटिक्स को छिपाने की सोनिया-राहुल की नई कवायद

ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि सोनिया या राहुल के पत्र गंभीरता नहीं जगा पाते। उसके पास किसी भी तरह के पत्र को विश्वसनीय बनाने का एक ही रास्ता है और वह है मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर।

Pak की मायरा, भारत का हिन्दू लड़का, US में प्यार… ‘इस्लाम कबूल करो’ पर लड़की ने दिखाया ठेंगा: पक्का लव जिहाद?

अंततः फारुकी ने वही कहा जो उसे कहना था - शादी करने के लिए लड़के को अपना धर्म बदलना होगा और इस्लाम अपनाना होगा।

CPI(M) ने TMC के लोगों को मारा पर वो BJP से अच्छे: डैमेज कंट्रोल करने आए डेरेक ने किया बेड़ा गर्क

प्रशांत किशोर ने जब से क्लब हाउस में TMC को डैमेज किया है, उसे कंट्रोल करने की कोशिशें लगातार हो रहीं। यशवंत सिन्हा से लेकर...

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

‘पेंटर’ ममता बनर्जी को गुस्सा क्यों आता है: CM की कुर्सी से उतर धरने वाली कुर्सी कब तक?

पिछले 3 दशकों से चुनावी और राजनीतिक हिंसा का दंश झेल रही बंगाल की जनता की ओर से CM ममता को सुरक्षा बलों का धन्यवाद करना चाहिए, लेकिन वो उनके खिलाफ जहर क्यों उगल रही हैं?

कालीन के अंदर कब तक छिपाते रहेंगे मुहम्मदवाद के खतरे… आज एक वसीम रिजवी है, एक यति नरसिंहानंद हैं; कल लाखों होंगे

2021 में भी समाज को 600 ईस्वी की रिवायतों से चलाने की क्या जिद है, धरती को चपटा मानने की और बुराक घोड़े को जस का तस स्वीकारने की क्या जिद है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें