जबसे टीकाकरण के तृतीय चरण की घोषणा हुई है तब से बहस और अफवाहों का बाजार फिर से गर्म है। अब कॉन्ग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने टीकाकरण के तृतीय चरण के अभियान में अपने राज्यों की भागीदारी से इंकार कर दिया है।
COVID-19 की दूसरी लहर बहुत तेज है और अधिकतर राज्यों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। पर ऐसा क्यों है कि महाराष्ट्र सरकार के संक्रमण रोकने के प्रयास शुरू से ही असफल दिखाई देते रहे हैं?
पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।
चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।