आरफा को कभी भी हलाला, तीन तलाक जैसे मुद्दे विरोध के लायक नहीं लगे, उन्हें दिक्कत हुई तो राम मंदिर से, वहाँ फहराते केसरिया झंडे से और भगवा कपड़ों में वहाँ पहुँचे भक्तों से।
पाकिस्तान से लेकर भारत में बैठे वामपंथी और कथित लिबरल्स के गुट को राम मंदिर में धर्म ध्वज की स्थापना से मिर्ची लग गई है। वो इसके बहाने प्रधानमंत्री मोदी तक को घेरने की कोशिश में लगे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान दिवस पर खुला खत लिखा है। उन्होंने लिखा कि ये भारत के संविधान की ही शक्ति है जिसने मुझ जैसे गरीब परिवार से निकले साधारण व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद पर पहुँचाया है।
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ एक प्रदर्शन हुआ लेकिन इसमें पुलिस पर हिंसा हुई, चिली स्प्रे का इस्तेमाल हुआ। इस मामले में FIR दर्ज कर 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
TMC के विधायक हुमायूँ कबीर ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर के दिन ‘बाबरी नाम की मस्जिद’ की नींव रखने का ऐलान किया है। यह सीधे तौर पर हिंदू आस्था पर हमला है।
वामपंथी प्रोपेगैंडा मशीन के रूप में कुख्यात वेबसाइट 'द वायर हिंदी' ने हिड़मा की मौत पर आर्टिकल पब्लिश किया, जिसकी हेडलाइन थी- "मोस्ट वांटेड या आदिवासी नायक?"