विचार

AAP-कॉन्ग्रेस एक-दूसरे पर थूक कर चाटने की रेस में, बीच में कूदे 4 महान दरबारी पक्षकार

लड़ाई मजेदार है। इस चुनाव में AAP-कॉन्ग्रेस से लेकर उन तमाम न्यूट्रल पक्षकारों की भी अस्मिता दाँव पर लगी है जो अभी तक विभिन्न संस्थाओं पर कब्ज़ा जमाकर सत्ता की मलाई खा रहे थे।

मस्जिद में महिलाएँ Vs मर्द: बहनो… एक साथ खड़े होने का समय अब नहीं तो कब?

बहनो! यह सही वक्त है चोट करने का। मस्जिद में पल रही मर्दवादी सोच पर प्रहार करने का। एक साथ उठ खड़ी हो, हजारों किलोमीटर लंबी ह्यूमन चेन बनाओ। अल्लाह ने चाहा तो सुप्रीम कोर्ट भी आपके हक में फैसला सुनाएगा!

U-Turn: चुनावी ‘धंधे’ में अब उतरा मूँछ वाला ‘गुंडा’, अभिनेताओं की राजनीति को कभी बताया था दुर्भाग्य!

प्रकाश राज ने नवंबर 2017 में अभिनेताओं के राजनीति में आने को देश का दुर्भाग्य बताते हुए कहा था कि वो अभिनेताओं के राजनीति में आने को सही नहीं मानते। आज वो ख़ुद यू-टर्न लेकर चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने अपने फ़िल्मी किरदारों से शायद बहुत कुछ सीखा है!

हिन्दू त्योहारों पर आम होती इस्लामी पत्थरबाज़ी: ये भी मोदी के मत्थे मढ़ दूँ?

हर आतंकी और उसका संगठन एक ही नारा लेकर निकलता है, काले झंडे पर सफ़ेद रंग से लिखा वाक्य क्या है, सबको पता है। बोल नहीं सकते, वरना 'बिगट' और 'कम्यूनल' होने का ठप्पा तुरंत लग जाएगा। हमने पीढ़ियाँ निकाल दीं कहते हुए कि आतंक का कोई मज़हब नहीं होता।

सागरिका जी, बता तो देतीं कि भारत में ‘अफ़्रीकी तानाशाह’ कौन है?

आपके आका सचमुच में इस सरकार की सही वाली कुछ खामियों की बात कर लेते तो मोदी को हराने के लिए ही आपको अफ्रीका से निंदा भी ‘इम्पोर्टेड’ न इस्तेमाल करनी पड़ती।

जब अम्मी-अब्बू ही ‘वेश्या’ कहकर हत्या कर दें, तो जहाँ में ‘बेटियोंं’ के लिए कोई जगह महफ़ूज़ नहीं

पिता इफ्तिख़ार अहमद और अम्मी फरजाना को बेटी के चाल-चलन पर शक़ था, जिसके चलते उसके मुँह में प्लास्टिक का बैग ठूंसकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। उनको लगता था कि बेटी छोटे कपड़े पहनती है तो ज़रूर कोई ग़लत काम करने लगी है। इसी शक़ ने शैफिला की जान ले ली।

DM से मायावती के जूते साफ़ करवाने वाले आज़म ख़ान, आपकी तो पूरी पार्टी ही जूते चाट रही है

डीएम से जूता साफ़ करवाने वाले 'बेशरम' आज़म ख़ान को अपना तब का बयान याद करना चाहिए जब एक डीएसपी ने मायावती की जूती साफ़ की थी। वैसे, शून्य लोकसभा सीटों वाली माया की जूती साफ़ करने में तो आजकल पूरी समाजवादी पार्टी ही लगी हुई है। शायद अल्लाह की अब यही मर्जी है।

जब समुदाय विशेष खुद को स्वतः घुसपैठिया समझ कर सोशल मीडिया पर बकवास करता है

जब साफ-साफ घुसपैठियों की बात की है, और उसमें यह कहा है कि बौद्ध, सिक्खों और हिन्दुओं के अलावा जो भी बाहर से आए लोग हैं, उन्हें बाहर..

सजदे में झुकती महिलाओं के स्तन से पैंटी के रंग बताने तक मजहबी नेता काफी आगे आ गए हैं

ये देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में मजहब के महान नेता आज़म खान अंतःवस्त्रों के रंग से नीचे उतरते हुए जननांग और स्तनों के कप साइज से मजहब की भीड़ का ज्ञानवर्धन किस महिला का नाम लेकर करेंगे।

हिंदुस्तान के उत्थान में रमता था बाबा साहब का मन, उनके नाम पर विघटन-घृणा का बीज बोना वामपंथियों की साजिश

"मैं हिंदुस्तान से प्रेम करता हूँ। मैं जियूँगा हिंदुस्तान के लिए और मरूँगा हिंदुस्तान के लिए, मेरे शरीर का प्रत्येक कण हिंदुस्तान के काम आए और मेरे जीवन का प्रत्येक क्षण हिंदुस्तान के काम आए, इसलिए मेरा जन्म हुआ है।”

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