विचार

राहुल गाँधी: जो तेजस्वी और लालू के साथ बिहार को बदलना चाहता है!

पहली बात तो यह है कि किसी भी सेंसिबल व्यक्ति को लालू या लालूनंदन को साथी मानकर बिहार में उसकी बदहाली पर लेक्चर तो देना ही नहीं चाहिए, और दे भी रहे हैं तो ये तो मत ही कहिए कि लालू जी और तेजस्वी जी के साथ मिलकर आप बिहार की तस्वीर बदल देंगे।

बिहारियों की बात कर राहुल-तेजस्वी ने अपने पैर पर ‘8 बार’ मारी कुल्हाड़ी – 5वीं बहुत जोर की लगी

राहुल जी की रैली थी तो जैसा कि हमेशा होता है राफेल का जिक्र हुआ। उन्हें आज भी सही आंकड़ा याद नहीं था। 7 दिन पहले का 45,000 करोड़ आज 1 हजार लाख करोड़ हो गया (अंक में लिखना पड़ा क्योंकि मुझे 1 हजार लाख करोड़ लिखना नहीं आता)।

जब ‘हिजाब’ से पितृसत्ता और धार्मिक कुरीतियों की बू आने लगे… तो उसे उतार फेंकना चाहिए

Nike वाला डिज़ाइनर हिजाब किसी विशेष धर्म की कुरीतियों को बढ़ावा देना नहीं तो और क्या है कि अब दौड़ के मैदान में भी एक लड़की 'खिलाड़ी' बनकर नहीं बल्की 'मुस्लिम खिलाड़ी' बनकर दौड़ेगी।

फ़ेक न्यूज़ का भस्मासुर अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है

इंडिया टुडे जैसे प्रकाशनों से शुरू हुई ये व्यवस्था प्रचलित अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में आई। अब तो इसमें “द हिन्दू”, जनसत्ता और “इंडियन एक्सप्रेस” जैसे तथाकथित विचारधारा वाले अखबार भी शामिल हैं।

बजट विश्लेषण: पशुपालन, मत्स्यपालन, सस्ते ऋण व किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर

गौपालन प्रोत्साहन पर सरकार ने ज़ोर दिया है। निर्धन व कम भूमि वाले किसानों को आर्थिक मदद मिलेगी। मत्स्यपालन के लिए अलग विभाग बनाने का निर्णय लिया गया। कृषकों को सस्ता ऋण।

बजट विश्लेषण: गाँव, ग़रीब-गुरबा, पिछड़े और मध्यम वर्ग के लिए ज़रूरी था ये सब

ग़रीबों को सस्ता अनाज के लिए आवंटन दोगुना। मनरेगा का बजट हुआ तिगुना। बस्तियों में सड़कों का बिछा जाल। घर-घर में पहुँची बिजली। 10 लाख लोगों ने उठाया मुफ़्त चिकित्सा का लाभ। आर्थिक आधार पर आरक्षण।

असंगठित क्षेत्र श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक साबित होगी ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन पेंशन योजना’

ऐसा अनुमान है कि अगले पाँच वर्षों के भीतर असंगठित क्षेत्र के कम से कम 10 करोड़ श्रमिक और कामगार इस योजना का लाभ लेंगे।

रक्षा बजट ₹3 लाख करोड़ के पार जाने के मायने क्या हैं

देश की रक्षा एवं सुरक्षा देश के विकास का ही एक अंग है। हम सुरक्षित हुए बिना विकसित होने की कल्पना नहीं कर सकते।...

रवीश जी, मोदी की खुन्नस बच्चों पर क्यों? लीजिए 15 कार्य गिनिए जो मोदी ने शिक्षा के लिए किए

एक प्रधानमंत्री की पहुँच अगर इतनी है कि वो एक साथ लाखों विद्यार्थियों से जुड़ जाए, तो क्या रवीश जी यह चाहते हैं कि 10,000 बच्चे इस साल आत्महत्या कर लें, तब तक सरकार हर स्कूल में काउंसलर की वेकन्सी निकाले?

बजट 2019: 1 लाख और ‘डिजिटल गाँव’ की योजना… 10 करोड़ नए लोग जुड़ेंगे इंटरनेट से

अब पूरी दुनिया में भारत एक ऐसा देश है, जहाँ सबसे सस्ते मोबाइल टैरिफ उपलब्ध हैं। बजट में इस बात की जानकारी भी दी गई कि पिछले 5 वर्षों में मोबाइल डेटा के मासिक इस्तेमाल में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

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