राजनैतिक मुद्दे

हिंदुओं को दो हथियारों का लाइसेंस और सस्ती जमीन: J&K में सुरक्षा समिति बनाना वक्त की माँग, आतंकियों के रहनुमाओं को कुचलना होगा

सरकार को इस्लामी आतंकियों की रहनुमाई करने वाले नेताओं और सामाजिक संगठनों के खिलाफ भी सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

दिल्ली में आए 50 हजार किसान, अपनी बात कह लौट गए खेत-खलिहान: न कोई टेंट गड़ा-न किसी पर ट्रैक्टर चढ़ा, फिर ‘बक्कल उतार दूँगा’...

'किसान आंदोलन' से रेप-हत्या की खबरें आती थीं, 'किसान गर्जना रैली' में अलग-अलग संस्कृतियों का प्रदर्शन दिखा। आक्रोश तो था, लेकिन दुर्भावना नहीं। टिकैत जैसों को ये फर्क देखना चाहिए। यहाँ टुकड़े-टुकड़े की बातें करने वाले खालिस्तान नहीं थे, 'भारत माता' थीं।

न मकसद, न प्रभाव: ‘लाल सिंह चड्ढा’ जैसी ही लुटी पिटी है ‘भारत जोड़ो यात्रा’… हम निठल्ले होकर अंताक्षरी खेलते हैं, राहुल गाँधी चल...

राहुल गाँधी इतने खाली हैं कि वो इस यात्रा के नाम पर बस चले जा रहे हैं। उनकी दाढ़ी लाल सिंह चड्ढा के आमिर खान की तरह बढ़ती जा रही है।

सुशासन बाबू! हम बिहारियों को मार डालिए, अपने बड़े भाई की तरह रौंद डालिए; पर हमारे बिहार को माफ कर दीजिए

सिद्धांत, शुचिता, मर्यादा, आत्म नियंत्रण... से चले नीतीश कुमार ने पहले अंतरात्मा, लोकलाज, आदर्श को मारा। अब बिहार को क्यों मारने पर तुले हैं?

माहवारी होते निकाह, बेटियों को संपत्ति में अधिकार, कट्टरपंथी मानसिकता, न्याय में देरी… जानिए क्यों जरूरी है पूरे भारत में समान नागरिक संहिता

देश में विभिन्न कारणों से समान नागरिक संहिता की विशेष जरूरत है। सरकार को इसे तुरंत लागू करना चाहिए ताकि न्याय में विलंब को रोका जा सके।

AAP को जीत, दिल्ली को दुविधा मुबारक

AAP की केजरीवाल सरकार से भंग होता मोह। BJP शासित निगम के रहते घर के बाहर लगा कूड़े का ढेर। दुविधा में दिल्ली ने खुद का कूड़ा-कूड़ा कर लिया।

आज भी कबीलों के दखल से चलती है खाड़ी मुल्कों की सरकारें, शासक देते हैं सब्सिडी: अरब में लोकतंत्र कभी नहीं रहा समाज का...

खाड़ी मुल्कों में भले ही इन क़बीलों की वास्तविक संरचना पहले जैसी नहीं हो, लेकिन वो अभी भी अपने सामाजिक और राजनीतिक भूमिका को बना कर रखते हैं।

सनातन के कमल से खिला G20, कॉन्ग्रेस देखकर मुरझाई: केवल चुनाव चिह्न नहीं है भारत का राष्ट्रीय पुष्प, वैभव-संपदा का है प्रतीक

कॉन्ग्रेस G-20 के लोगो में जिस कमल के फूल की कर रही आलोचना, वह सिर्फ भाजपा का चुनाव चिह्न नहीं, सनातन धर्म में भी विशेष महत्व रखता है। देश का राष्ट्रीय फूल है।

‘भारत को मजबूत राष्ट्र के रूप में नहीं उभरने देना चाहते थे ब्रिटिश’: महाराजा के विलय प्रस्ताव को स्वीकारने में नेहरू ने देरी की,...

वामपंथियों ने गलत तथ्य फैलाया कि महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर को स्वतंत्र राज्य बनाना चाहते थे, जबकि ऐसा विकल्प किसी रियासत को नहीं मिला था।

मुस्लिम PM का रट्टा मारने वालो, आक्रांताओं को बाप मानना बंद करो… ब्रिटेन में कामगार बन कर गए थे हिन्दू, आज 51000 को देते...

भारत में तो मुस्लिम भी आक्रांता बन कर आए थे और ब्रिटिश भी बाद में कारोबारी से आक्रांता बन गए। लेकिन, भारतीय कहीं हिंसा के इरादे से नहीं गए।

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