16 साल की उम्र लड़की के विकास का समय होता है। इस दौरान उसे वो संभावनाएँ तलाशनी चाहिए कि वो कैसे जीवन में आगे बढ़े, न कि इस गुमान में कि उस पर सेक्स का अधिकार है।
बॉलीवुड में सालों से परोसे जा रहे हिंदूफोबिक कंटेंट की कोई गिनती नहीं है...हर दूसरी तीसरी फिल्म के जरिए बॉलीवुड अपना स्तर दिखा देता है। अब यही हाल इन्होंने विज्ञापनों में है।
बॉलीवुड के गटर ने आदिपुरुष को बर्बाद कर दिया। इसी से निकले कुछ निर्देशक वेब सीरीज़ भी बनाते हैं। अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफार्म पे गंदी वेब सिरीज़ का अंबार लगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल में एक केस की सुनवाई के दौरान कहा हिंदू धर्म में विवाहित महिला के सुहाग और सिंदूर की अहमियत होती है। समाज उनको उसी नजरिए से देखता है।