जिस आर्थिक बहिष्कार की बात होती है, वह हिंदू आज भी नहीं कर पाए हैं। लेकिन हिंदुओं के छिटपुट प्रयासों और दगाहो-मजारों पर सन्नाटे ने इनकी छटपटाहट बढ़ा दी है।
नीरज चोपड़ा वाले भारत को रणवीर सिंह जैसों की जरूरत नहीं। हमारे समय, प्रेम, पैसे से बनकर बॉलीवुड के भांड हमें ही दबंगई नहीं दिखा सकते। इनकी रस्सी जल चुकी है, बल भी जाएगा ही।