सामाजिक मुद्दे

दिवाली, पटाखे, पर्यावरण की रक्षा का प्रश्न और एडमिनिस्ट्रेटिव एक्टिविज्म का मारा हिंदू

पहले जुडिशियल एक्टिविज्म से परेशान आम हिंदू अब एडमिनिस्ट्रेटिव एक्टिविज्म से भी परेशान है।

गुरुग्राम का पाठ रट लो हिंदुओ, लड़ोगे-डटे रहोगे तभी रुकेगा ये मजहबी तुष्टिकरण

स्थानीय हिंदुओं का यह कदम अन्य शहरों में लोगों को अपने आस-पास के सार्वजनिक स्थलों को बचाने और उनकी रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने को प्रेरित करेगा।

बांग्लादेश में जो हुआ, जैसे हुआ… हिंदू क्यों न माने कि पूरी दुनिया ही उसके विरुद्ध: इकबाल कुरान रखेगा, फिर उसके मजहबी बंधु कत्लेआम...

बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जो कुछ हुआ वह पूरी दुनिया ने देखा। यह सब देखते हुए यदि हिंदू यह सोचने लगे कि पूरी दुनिया ही उसके विरुद्ध है तो इसमें आश्चर्य कैसा?

क्रिएटिविटी के नाम पर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कब तक, ऐसे उत्पादों या कंपनियों का आर्थिक बहिष्कार जरूरी

अपने विरुद्ध किए जाने वाले प्रोपेगंडा और चलाए जाने वाले एजेंडा के विरुद्ध आज भी हिंदुओं का सबसे बड़ा हथियार आर्थिक विरोध है और इसके लिए उनका आभार प्रकट किया जाना चाहिए।

काटेंगे-मारेंगे और दिखाएँगे भी… फिर करेंगे जिम्मेदारी की घोषणा: आखिर क्यों पाकिस्तानी कानून को दिल में बसा लिया निहंग सिखों ने?

क्या यह महज संयोग है कि पाकिस्तान की तरह 'किसान' आंदोलन की जगह पर भी हुई हत्या का कारण तथाकथित तौर पर ईशनिंदा है?

जनसंख्या नीति की जरूरत क्यों? मुस्लिम बहुल जिलों से समझिए समस्या को, खतरे में है लड़कियों का जीवन

प्रश्न सिर्फ मुस्लिम आबादी का नहीं है बल्कि लड़कियों के विवाह को लेकर है। साल 2019-20 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार..

दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘मार्क्स जिहाद’: JNU के ढहते किले से सहमे वामपंथी, नया ‘गढ़’ बनाने की साजिश

केरल राज्य बोर्ड द्वारा छात्रों को बड़ी संख्या में 100 फीसदी मार्क्स देने की प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हुए इसे 'मार्क्सवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार की सुचिंतित और सुनियोजित साजिश' बताया गया है।

बदली नहीं आतंकियों और कश्मीरी नेताओं की सोच, बना रखा है वही माहौल: एक खास विचारधारा का विस्तार है J&K की आतंकी घटनाएँ

कश्मीर में अचानक हो रहे इन आतंकवादी हमलों का क्या कारण हो सकता है? प्रश्न यह भी है कि ये हमले क्या 2019 से पहले होने वाले हमलों से अलग हैं?

दिल्ली के बच्चे तो पढ़ेंगे ही, पर CM केजरीवाल खुद कब पढ़ेंगे ‘देशभक्ति’ का पाठ

देशभक्ति पढ़ाने का प्रस्ताव या पाठ्यक्रम वो सरकार लाई है जिसकी अगुवाई करने वाले नेता ही समय आने पर खुलकर देशभक्ति का प्रदर्शन नहीं कर पाते।

दूध की एक बूँद के लिए मर चुकी माँ के स्तन को चूस रही थी बच्ची: मोपला नरसंहार की एक कहानी, है अनगिनत

बच्ची दूध की एक बूँद के लिए अपनी मृत माँ के स्तन को चूस रही थी। नीलमपुर मानववेदन तिरुमुलपद के दूसरे राजा ने उसे गोद लिया और कमला नाम रखा।

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