शिव सेना 'युवा सेना' की कोर कमिटी के सदस्य राहुल कनाल ने एजाज खान की हरकतों को लेकर ख़बर प्रकाशित करने वालों को 'भक्त मीडिया' करार दिया। एजाज खान एक समय शिवसेना के कट्टर आलोचक थे।
शिवसेना नेता अक्षय विजय पनवेलकर ने पत्र में दावा किया कि दोनों राजनीतिक समीक्षक ‘दूसरे समुदायों के खिलाफ घृणा संदेश’ फैला रही थी। उन्होंने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153A, 295 और 295A के तहत कार्रवाई करने की गुजारिश की।
राहुल गाँधी के समर्थकों द्वारा किए गए ट्वीट्स के भरमार को देखकर यकीन होता है कि राहुल गाँधी के फॉलोवर उन्हीं की तरह हैं। जो बिना तथ्यों की जाँच परख किए समाज में झूठ फैलाने में लग जाते हैं।
नन्द कुमार बघेल को 'राष्ट्रीय मतदाता जाग्रति मंच एवं कल्याण समिति' का अध्यक्ष बताया गया है। इसमें दावा किया गया है कि 'मोदी कोरोना' से निपटने के लिए बुद्ध और गाँधी के रास्ते पर चलते हुए छत्तीसगढ़ के 13 स्थानों पर लॉकडाउन का उल्लंघन किया जाएगा।
वह विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ चुका है। बीजेपी और मोदी के खिलाफ जहर उगलता है। उसके पिता सीएम रिलीफ फंड में दान देते हैं तो राज्य के गृह मंत्री खुद ट्वीट करते हैं। ऐसे में इस बात का जवाब विनय दुबे ही बेहतर दे सकता है कि उसने राजनीतिक हसरत पूरा करने के लिए ये सब किया या फिर किसी के इशारे पर वह ऐसा कर रहा था।
एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लाखों लोगों के भोजन की व्यवस्था का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर प्रवासी श्रमिकों की जो तस्वीरें आ रही है वह उनके दावों की पोल खोल रहे हैं। इन्हें एक वक्त का भोजन नसीब है और वह भी एक गुरुद्वारे से मिल रहा।
खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी बताने वाले विनय दुबे भाजपा के खिलाफ लगातार जहर उगलता रहा है। एनसीपी और मनसे के नेताओं से उसकी करीबी दिखाई पड़ती है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार सबका ख्याल रख रही है और राज्य पूरे देश को कोरोना से लड़ने की नई दिशा दिखा रहा है। अमित शाह ने भी उद्धव ठाकरे से फोन पर बात करके स्थिति का जायजा लिया।