मध्य प्रदेश की सियासत का संदेश स्पष्ट है। भले जितनी मजबूत राजनीतिक विरासत मिले, निर्णायक जमीनी पकड़ ही है। यही कारण है कि कॉन्ग्रेस तमाम जतन के बावजूद अपनी सरकार बचाने में नाकाम रही। वरना विरासत की राजनीति तो कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार के चिरागों को भी मिली हुई है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं। 2 विधायकों का निधन हो चुका है। कॉन्ग्रेस के 22 और बीजेपी के एक विधायक के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद 205 विधायक बचे हैं। यानी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 103 विधायकों का समर्थन चाहिए। बीजेपी के पास 106 विधायक हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत साबित करने के लिए आज शाम पॉंच बजे तक का वक्त दिया है। उससे पहले ही कमलनाथ के इस्तीफे की चर्चा जोरों पर है। मौजूदा गणित के हिसाब से बहुमत के लिए 104 विधायकों का समर्थन चाहिए। बीजेपी विधायकों की संख्या 107 है।
कोरोनावायरस के संकट को देखते हुए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत करके COVID-19 Economy Task Force (आर्थिक टास्क फ़ोर्स) बनाने का फैसला किया है। यह हर परिस्थिति का आँकलन करते हुए निकट भविष्य में फैसले लेगी। टास्कफोर्स सभी से सलाह लेकर फैसले लेगा।
कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन की अटकलों को प्रधानमंत्री कार्यालय ने सिरे खारिज दिया है। पीएमओ ने कहा था कि पीएम मोदी आज रात आठ बजे अपने संबोधन में लॉकडाउन जैसी कोई घोषणा नहीं करने वाले हैं।
विजयवर्गीय ने माकपा के भट्टाचार्य के बहाने कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए उसे ऐसे व्यक्ति को राज्यसभा पहुँचाने का दोषी कहा जिसने बीफ पार्टी का आयोजन कर हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने का काम किया था।
मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज बृहस्पतिवर को तीसरे दिन भी सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कल यानी शुक्रवार (मार्च 20, 2020) को सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाथ उठाकर बहुमत परिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।
याद रहे कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, सिनेमा घरों मल्टीप्लेक्सेस और पर्यटक स्थलों को 2 अप्रैल तक बंद कर दिया है
गाँव-देहात के किसी चौपाल पर बैठिए, जहाँ पहले की सरकारों में चर्चा का विषय होता था- कितने करोड़ का घोटाला, कहाँ हत्या, लूटमार या जमीन-मकान पर कब्जा, कहाँ बलात्कार! वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में जनता अब इन चौपालों पर चर्चा करती है - गाँव-गाँव बिजली, पानी और सड़क पहुँची, अपराधी प्रदेश छोड़कर भाग रहे और...
कॉन्ग्रेस को मजबूत करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, जैसे तर्क बेमानी हैं। असल में कॉन्ग्रेस एक बीमारी है। इससे देश को जितनी जल्दी निजात मिल जाए उतना बेहतर। देश रहेगा तो लोकतंत्र भी बचेगा और संविधान भी।