"मैं आपके बीच किसी राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य होने के नाते आया हूँ। मैं आपको पूर्ण विश्वास दिलाता हूँ, आपके हक और न्याय की लड़ाई ज्योतिरादित्य सिंधिया लड़ेगा। फसल हानि के साथ जनहानि हो, पशुधन हानि हो, या मकान की हानि हो। हर एक व्यक्ति को पूर्ण रूप से मुआवजा दिलाना ही मेरा लक्ष्य रहेगा।”
योगी ने हिन्दू महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि शादी के बाद किसी दूसरी महिला से संबंध रखने वाले हिंदू पुरुषों पर भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही हिंदू परित्यक्ता महिलाओं को भी तीन तलाक पीड़िताओं की तरह ही न्याय दिलाया जाएगा।
आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाक लगातार कॉन्ग्रेस को हथियार बनाकर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। उसने संयुक्त राष्ट्र को लिखे पत्र में राहुल गॉंधी के बयान का जिक्र किया था। बाद में राहुल ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कहा था कि कश्मीर में हिंसा के पीछे पाकिस्तान का हाथ है।
एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने कहा था कि चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के मामले में पीड़ित छात्रा की भी संलिप्तता मिली है। उससे मंगलवार को पूछताछ भी की थी। पीड़िता ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर कर रखी है जिस पर कल सुनवाई होनी है।
"पूर्व में मैं भारत के बारे में जो कुछ भी जानता था, मुझे लगता था कि वहाँ स्थिति अच्छी नहीं है। वहाँ काफ़ी अनबन और लड़ाइयाँ होती रहती थीं। पीएम मोदी एक पिता की तरह सभी को साथ लेकर आए। पीएम मोदी ने चीजों को ठीक कर के एक अच्छा कार्य किया है।"
ईडी के अनुसार, यह लोन धोखाधड़ी का बहुत बड़ा मामला है। कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। आरोप है कि शुगर फैक्ट्रीज को स्टेट कोऑपरेटिव बैंक द्वारा तय किए गए मूल्य से कम दाम में बेच दिया गया।
बाबा रामदेव ने कहा कि अगर देश का कानून तोड़ेंगे तो चिदंबरम जैसा हाल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून के शिकंजे में राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी भी हैं। चिदंबरम के बाद अब जेल जाने का नंबर राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी का है।
"मेरे पिताजी ने हमेशा देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखा था। मैं अपने पिता की ही संतान हूँ, राजनीतिक ध्रुवीकरण के बढ़ते जाने पर भी अपने मूल सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करूँगा।"
"मैं सिद्दरमैया का पालतू बनाया हुआ कोई तोता नहीं हूँ। उनके जैसे कई हैं, जो एचडी देवेगौड़ा के शासन में फल-फूले। मैं मुख्यमंत्री कॉन्ग्रेस आलाकमान के आशीर्वाद के चलते बना।"
प्रस्तावित नागरिकता विधेयक संशोधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रस्ताव लंबित है। संसद के आगामी सत्र में यह बिल लाने पर बल दिया गया। कई नेताओं ने कहा कि एनआरसी से पहले इस बिल को लाने की कवायद होनी चाहिए थी।