प्रद्योत ने प्रदेश के वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता लुइज़िन्हो फलैरो पर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया था। प्रद्योत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर असम की तरह NRC की माँग की थी।
सांसद बनने के बाद से ही भूमाफिया आजम खान पर करीब 84 से अधिक FIR दर्ज हैं। इसमें जौहर यूनिवर्सिटी की जमीनों घोटालों से संबंधित 30 मुकदमें भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक घर पर किसी द्वारा नोटिस रिसीव न किए जाने की स्थिति में नोटिस चस्पा किए गए हैं।
अपने माता-पिता के साथ इसी साल 14 मई को पाकिस्तान से आए तीन बच्चों के भविष्य पर मॅंडरा रहा संकट। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल ने 5 जुलाई को उन्हें एडमिशन दिया। 8 जुलाई से क्लास अटेंड करने की इजाजत भी मिली। लेकिन, 14 सितंबर को स्कूल से यह कह कर निकाल दिया गया कि उनकी उम्र ज्यादा है।
फुल्का ने अपनी पुस्तक में रकाबगंज गुरुद्वारा पर हमले का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि भीड़ ने गुरुद्वारा को नुक़सान पहुँचाया और 2 सिखों को ज़िंदा जला डाला। हत्यारे 5 घंटे तक उत्पात मचाते रहे और आरोप है कि कमलनाथ पूरे 2 घंटे तक भीड़ के साथ रहे।
अपनी इफ्तार पार्टी के लिए सुर्खियाँ बटोरने वाले बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी को 2018 में मुंबई भाजपा के अध्यक्ष आशीष शेलार ने हरा दिया था। हर साल होने वाली उनकी इफ्तार पार्टी में बॉलीवुड की ख़ान त्रिमूर्ति से लेकर कई अभिनेता-अभिनेत्री शामिल होते हैं।
मुंबई में जब 12 सिलसिलेवार धमाके हुए और सैकड़ों निर्दोष मारे गए तो पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। सूद ने दावा किया कि पवार ने 12 की बजाए एक मस्जिद सहित 13 जगह धमाके होने की बात कह लोगों की आँखों में धूल झोंका। शायद वे पाकिस्तान और दाऊद इब्राहिम से देश का ध्यान भटकाना चाहते थे।
हम एक ऐसा कार्ड चाहते हैं जो सभी की जरूरतें जैसे आधार, पासपोर्ट, बैंक अकॉउंट, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी की जरूरत को पूरा कर सके। एक ऐसा सिस्टम भी होना चाहिए कि यदि किसी शख्स की मौत हो जाए तो ऑटोमेटिक उसकी जानकारी पॉपुलेशन डाटा में अपडेट हो जाए।
अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी की लोकप्रियता और कार्यक्रम की सफलता महबूबा के गले नहीं उतर रही है। वे भी इस कार्यक्रम पर तीखी टिप्पणी से बाज नहीं आईं।
यह मुलाकात कॉन्ग्रेस पार्टी के आला नेताओं का स्कोर गेनिंग का एक प्रयास है। क्योंकि पार्टी लगातार इसे ऐसा दिखाना चाहती है जैसे यह भयंकर भ्रष्टाचार के कारण नहीं बल्कि राजनीतिक दुश्मनी की वजह से उठाया गया कदम है। इससे पहले, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद और अहमद पटेल पिछले हफ्ते तिहाड़ जेल में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात कर चुके हैं।