बकौल राजपूत, शिवराज सरकार की लूट के कारण पूरा मध्य प्रदेश खोखला हो गया है। सीएम कमलनाथ इससे जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कर्ज के गर्त में है। जिसकी वजह से कमलनाथ सरकार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सिमरजीत सिंह बैंस लोक इंसाफ पार्टी के संस्थापक हैं। 2017 में विधानसभा चुनाव AAP के साथ गठबंधन कर लड़ा था। फिलहाल उनकी पार्टी पंजाब डेमोक्रेटिक अलायन्स का हिस्सा है, जिसमें मायावती की बसपा, वामपंथी सीपीआई और अन्य पार्टियाँ शामिल हैं।
संभल स्थित कल्कि धाम के पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णन कॉन्ग्रेस की सभाओं में भी काफ़ी सक्रिय रहते हैं और यूपी में उन्हें पार्टी का आध्यात्मिक चेहरा माना जाता है। लेकिन, वह केवल बेढंगे और बेतुके बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं।
केंद्रीय विद्यालय ने चेन्नई क्षेत्र के अपने सभी 49 स्कूलों में पता किया लेकिन यह प्रश्नपत्र उनमें से कहीं का नहीं है। डीएमके प्रमुख ने दावा किया था कि इस प्रश्न-पत्र में मुस्लिमों के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
कल तक लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के कसीदे पढ़ने में नहीं अघाने वाले नेता भी अब जमीनी हकीकत भॉंप ऐसे चेहरे की तलाश कर रहे हैं जो चुनावी नैया पार लगा सके। तेजस्वी के नेतृत्व पर साथी दलों के असमंजस के बाद अब राजद में भी दिख रही बेचैनी।
दाऊद इब्राहिम ने भी मुंबई बम ब्लास्ट के बाद मदद के लिए जेठमलानी को फोन किया था। जेठमलानी ने 2015 में कहा था कि दाऊद को भारत लाया जा सकता था, लेकिन महाराष्ट्र के तत्कालीन सीएम शरद पवार की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।
इससे पहले ईवीएम को लेकर उदित राज ने सुप्रीम कोर्ट पर ही धाँधली का आरोप लगा दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग बिक चुका है। सुप्रीम कोर्ट के अलावा वह राष्ट्रपति पद पर भी टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भाजपा हमेशा गूँगे-बहरों को ही राष्ट्रपति बनाती है।
उन्होंने उपनिषदों को उद्धृत करते हुए कहा कि उपनिषदों में बताया गया है कि "द्वय", पराएपन की भावना डर पैदा करती है। साथ ही कुरान में से मौलाना अली की एक आयत के ज़रिए बताया कि जिससे इंसान अनभिज्ञ होता है, उससे डर पैदा होता है।
आईपी सिंह ने इससे पहले कहा था कि बेरोजगारी और भूखमरी से ध्यान हटाने के लिए भाजपा चंद्रयान-2 का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी लोगों को चंद्रयान-2 की लैंडिंग देखने को इसलिए बोल रहे हैं ताकि कोई आर्थिक तबाही के बारे में सवाल न पूछे।
"कोई भी मंदिर की पवित्रता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। ख़ुद की तुलना भगवान से करने का हक़ किसी को नहीं है। टीआरएस का चुनाव चिह्न कार चाप को उकेरा जाना असंवैधानिक है। यह धर्म को राजनीति से मिलाने की एक साज़िश है।"