जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को हटाए जाने के बाद जो प्रतिबंध लगाए गए थे उन्हें चरणबद्ध तरीक़े से हटाया जाएगा। फ़िलहाल, जम्मू, रियासी ज़िले, सांबा, कठुआ और उधमपुर में 2G इंटरनेट सेवा शुरू कर दी गई है।
कपिल मिश्रा ने लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर भाजपा के समर्थन में अभियान चलाया था। AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल से की थी। इसकी सुनवाई करते हुए बीते दिनों विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी।
लखनऊ की महापौर ने आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि अब हजरतगंज चौराहे का नाम पूर्व प्रधानमंत्री और लखनऊ से सांसद रह चुके अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कर दिया गया है।
“मुस्लिम समाज में एक से अधिक पत्नी रखने की धार्मिक ‘छूट’ है। इसलिए ‘हम पाँच हमारे पच्चीस’ की जनसंख्या बढ़ाने वाली जो फैक्ट्री शुरू थी, उस फैक्ट्री पर ‘तालाबंदी’ घोषित कर दी गई।”
वामपंथियों की जड़ें कितनी गहरी हैं, स्क्रीनशॉट्स में इसकी भी नज़ीर है। कविता कृष्णन पूर्व-सैन्यकर्मी कपिल काक के बारे में बात करतीं नज़र आतीं हैं। वायुसेना के पूर्व उप-प्रमुख यह वामपंथी प्रोपेगंडा फैलाते नज़र आते हैं कि कैसे भारत ने कश्मीर की आशाओं पर खरा उतरने में असफलता पाई है, न कि कश्मीर ने भारत की
ऐसी भेदभाव पूर्ण प्रथा के बाहर आने के बाद भी किसी भी लिबरल गैंग का इस पर कोई विरोध या प्रतिक्रिया नहीं आ रही है। शायद आए भी नहीं क्योंकि यहाँ बीजेपी नेता जहाँ इस आदेश का विरोध कर रहे हैं तो वहीं लिबरल गैंग बीजेपी विरोध में घोर जातिवादी प्रथा का मौन समर्थन।
आलिया अब्दुल्ला ने बोलने के संवैधानिक अधिकार को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार को घाटी के राजनेताओं से अपनी भाषा बोलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए और उनके (घाटी के नेताओं) विचारों का सम्मान करना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने वहाँ के अब तक के हालातों और आर्टिकल 370 के पर कतरने के बाद की स्थिति पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ताजा जानकारी दी। J&K मुख्य सचिव ने बताया कि पूरे राज्य के 22 में से 12 जिलों में स्थिति सामान्य है।
“राजस्थान कॉन्ग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व निष्क्रियता के कारण बहुचर्चित पहलू खान माब लिंचिंग मामले में सभी 6 आरोपित वहाँ की निचली अदालत से बरी हो गए, यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है।”