24 सीटों को पाक अधिकृत कश्मीर के लिए खाली छोड़ा गया है और बाकी बची 87 सीटों पर ही चुनाव होता है। हर 10 साल बाद परिसीमन किए जाने की J&K की संवैधानिक व्यवस्था पर फारूक अब्दुल्ला सरकार ने रोक लगा दी थी। और अब उनके बेटे उमर इसका विरोध कर रहे हैं।
दावे के अनुसार ₹99 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग कमलनाथ के तत्कालीन आधिकारिक निवास 1, तुगलक रोड से हुई है। यह बंगला कमलनाथ को छिंदवाड़ा के सांसद के तौर पर मिला था।
बिहार की सियासत गज़ब के मोड़ पर है, एक तरफ जहाँ आरजेडी नीतीश को एक बार फिर से महागठबंधन में लेने को बेताब है क्योंकि वह नरेंद्र मोदी सरकार से नीतीश के मन में पैदा हुए असंतोष को भुनाना चाहती है। लोकसभा के परिणामों से आरजेडी जान चुकी है कि नीतीश के कंधे पर सवार होकर शायद पार्टी को एक बार फिर बिहार की सत्ता मिल सकती है।
अभी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 42 में से 18 सीटों पर बड़ी जीत दर्ज करते हुए तृणमूल के गढ़ में काफ़ी मजबूती से दस्तक दी है। भाजपा ने सभी उम्मीदों को पार करते हुए 40% से भी अधिक वोट शेयर हासिल किया, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है।
कुछ दिनों पहले केजरीवाल और सिसोदिया ने विजेंद्र गुप्ता पर AAP प्रमुख की हत्या की साजिश रचने वालों में शामिल होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद विजेंद्र गुप्ता ने लीगल नोटिस देकर दोनों को 7 दिनों के अंदर माफी माँगने के लिए कहा था। मगर इसका जवाब न मिलने के बाद आज उन्होंने केजरीवाल और सिसोदिया के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया।
कॉन्ग्रेस की समस्या को और बढ़ाते हुए, पाटिल के साथ पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने भी कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने तो यहाँ तक दावा किया कि जल्द ही 8-10 और विधायक भी पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
"कितनी खूबसूरत तस्वीर होती जब इतनी ही चाहत से नवरात्रि पे फलाहार का आयोजन करते और सुंदर सुदंर फ़ोटो आते??...अपने कर्म धर्म में हम पिछड़ क्यों जाते और दिखावा में आगे रहते हैं???"
"प्रियंका गाँधी ने अपना काम किया। लेकिन, पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं, प्रत्याशियों और संगठन उनसे चुनावी लाभ नहीं ले सके। राहुल जी ने इस चुनाव के लिए बहुत कड़ी मेहनत की और प्रियंका जी ने भी उसी दमखम के साथ उनसे ताल से ताल मिलाईं।"
बसपा सुप्रीमो का कहना है कि उनका रिश्ता सिर्फ़ राजनैतिक नहीं था, ये आगे भी इसी तरह का रहेगा। लेकिन, इन अच्छे संबंधों के बावजूद वो लोकसभा चुनावों में आए नतीजों को भूल नहीं सकती हैं। इसी वजह से उन्हें अपने फैसले पर दोबारा सोचना पड़ा।