Homeराजनीतिकमल नाथ ने बहनोई के साथ मिल कर की ₹99 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग:...

कमल नाथ ने बहनोई के साथ मिल कर की ₹99 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग: TN का खुलासा

इससे पहले भी कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापे पड़ चुके हैं। अप्रैल में कमलनाथ के OSD के घर पड़े छापे से ₹9 करोड़ नकदी बरामद हुई थी। उनके भतीजे की कम्पनी पर पड़े आयकर के छापे में भी ₹1350 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई थी।

टाइम्स नाउ ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए यह बताया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद कमल नाथ ने फरवरी 2010 से नवंबर 2011 के बीच ₹99 करोड़ से ज्यादा की नकदी की मनी लॉन्ड्रिंग की है। यह खुलासा चैनल की एंकर नाविका कुमार अपने रात के न्यूज़ शो न्यूज़ आवर में कर रहीं हैं।

आयकर विभाग का दावा, बहनोई के साथ चलाते थे हवाला रैकेट

आयकर विभाग ने यह दावा किया है कि कमलनाथ अपने बहनोई दीपक पुरी (मोज़रबियर कंपनी के मालिक) के साथ मिलकर काले धन को सफेद करने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का रैकेट चलाते थे। इस साल अप्रैल में पड़े छापों के सुराग से उन्हें इसकी जानकारी मिली है। इसके अलावा उन्हें कुछ डायरीनुमा दस्तावेजी सबूत भी मिले जिनकी पुष्टि दीपक पुरी की ही कम्पनी के एक कर्मचारी ने की है।

आधिकारिक निवास से ‘सफाई’ हुई 99 करोड़ की

दावे के अनुसार ₹99 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग कमलनाथ के तत्कालीन आधिकारिक निवास 1, तुगलक रोड से हुई है। यह बंगला कमलनाथ को छिंदवाड़ा के सांसद के तौर पर मिला था। आयकर विभाग के अनुसार यहीं से नकदी को हवाला के लिए उठाया जाता था। इसके अलावा अपने आरोपों की पुष्टि के लिए आयकर विभाग मोज़रबियर के कर्मचारी के के खोंसला की निशानदेही को भी पेश कर रहा है।

पहले भी पड़ी है कमलनाथ पर रेड

इससे पहले भी कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापे पड़ चुके हैं। अप्रैल में कमलनाथ के OSD के घर पड़े छापे से ₹9 करोड़ नकदी बरामद हुई थी। उनके भतीजे की कम्पनी पर पड़े आयकर के छापे में भी ₹1350 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई थी।

(यह डेवलपिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा।)

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -