पूर्व में बेटे या बेटियों द्वारा प्रताडि़त किए जाने वाले माता-पिता को न्याय के लिए जिलों के परिवार न्यायालय में अपील करने जाना होता था। वहाँ पर सुनवाई प्रधान न्यायाधीश के स्तर पर होती थी। नए नियमों के मुताबिक, अब माता-पिता जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित अपील अधिकरण में अपील करेंगे।
"मदरसों में धार्मिक शिक्षा दी जाती है... साथ ही वहाँ अंग्रेज़ी, हिन्दी तथा गणित भी पढ़ाया जाता है। मदरसों को हमेशा मिड-डे मील से महरूम रखा गया है। सरकार को इस बात का ऐलान करना चाहिए कि..."
जब अंकित के परिवार ने अपने घर के एकमात्र कमाऊ इंसान को खो देने की भरपाई करने के लिए केजरीवाल से मुआवज़े की माँग की, तो वो प्रार्थना सभा को बीच में ही छोड़ कर चल दिए। तंजील अहमद और एमएम खान के परिवार को 1-1 करोड़ रुपए दिए तो फिर अंकित के परिवार के साथ यह राजनीति क्यों?
बैठक दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में हो रही थी। लेकिन पहले कॉन्ग्रेस नेता परिसर के अंदर आपस में भिड़े और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भी वहीं उनकी तू-तू मै-मैं हो गई। हालाँकि, जब कॉन्ग्रेस नेताओं से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये उनका आंतरिक मामला है।
अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को ठुकरा दिया कि महज पुलिसवालों की गवाहियों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। एसीएमएम विशाल ने कहा कि कानून में ऐसी कोई प्रीपोजिशन नहीं है कि निष्पक्ष गवाहों से मेल खाने के बावजूद पुलिसवालों की गवाहियों को मंजूर न किया जाए।
इसाई धर्म में विश्वास रखने वाले आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अपने मामा वाई वी सुब्बा रेड्डी को तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड (TTD) के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है। टीटीडी भारत के सबसे अमीर मंदिर ट्रस्टों में से एक है।
प्रोटेम स्पीकर उन्हें कहा जाता है, जो चुनाव के बाद पहले सत्र में स्थायी अध्यक्ष का चुनाव होने तक संसद या विधानसभा का संचालन करते हैं। सामान्यतः सदन के वरिष्ठतम सदस्य को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है। प्रोटेम स्पीकर तब तक अपने पद पर बने रहते हैं, जब तक सदन द्वार स्थायी अध्यक्ष का चुनाव न हो जाए।
गहलोत को अपनी कुर्सी जाने का भय सता रहा है। इसलिए वो पिछले 3 दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और लगातार कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। जबकि पायलट इन दिनों राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में घूम रहे हैं। किसानों के बीच खुले आसमान में खाट पर बैठकर...
लोकसभा चुनाव में मृतक समतुल डोलोई ने अपने बूथ पर भाजपा उम्मीदवार को बढ़त दिलाई थी। डोलोई के एक रिश्तेदार ने कहा कि मृतक ने एक कार्यक्रम के दौरान कई बार 'जय श्री राम' का नारा लगाया था। इससे कार्यक्रम में शामिल तृणमूल के कुछ सक्रिय कार्यकर्ता काफ़ी नाराज़ हो गए और...
"मुझे हमारी मीडिया से कोई आशा नहीं है। वो इन सारी घटनाओं को नहीं दिखाएगी। ऐसा इसीलिए, क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश है एक समुदाय विशेष को बुरे परिप्रेक्ष्य में दिखाने का।"