जनता के बीच प्रचार के दौरान 'मोदी-मोदी' नारे सुनने वाले केजरीवाल पहले नेता नहीं हैं इससे पहले राहुल गाँधी, कन्हैया कुमार और उर्मिला मातोंडकर की भी रैली के दौरान या उनके भाषण के बीच में मोदी समर्थकों ने नारेबाजी की थी।
सेनगुप्ता ने कहा कि उस जगह से हिंसा की ख़बरें आई थीं, जिसका पता लगाने वो लोग वहाँ गए थे लेकिन तभी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता उग्र हो गए और हमला बोल दिया। बंगाल पुलिस सामने के सामने ही यह सब हुआ लेकिन वो लोग मूकदर्शन बनें रहे।
इससे पहले 3 मई को गाँधी नगर से विधायक अनिल बाजपेयी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद 4 मई को पंजाब में अमरजीत सिंह संदोहा कॉन्ग्रेस में शामिल हुए हैं। अमरजीत संदोहा रूपनगर विधानसभा के विधायक हैं।
पीएम मोदी ने राहुल गाँधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का नाम लिए बगैर कहा था, "आपके पिता को उनके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ 'मिस्टर क्लीन' बना दिया था, लेकिन उनका जीवनकाल 'भ्रष्टाचार नंबर-1' के रूप में समाप्त हो गया।"
संगरूर स्थित दिड़बा के चट्ठा ननहेड़ा गाँव में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी केवल सिंह ढिल्लों के पुत्र करण सिंह ढिल्लों प्रचार के लिए पहुँचे तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने कॉन्ग्रेस पर गुटका साहिब की बेअदबी का आरोप लगाया।
ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। ट्विटर पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हुए एक यूज़र ने लिखा, "ये क्या हो रहा देश में। कुछ कानून नाम के कोई चीज है या नही। पूरी गुंडा गर्दी हो रही है।"
ऐसा पहली बार नहीं है कि टीएमसी के गुंडों ने खुलेआम अपनी गुंडागर्दी दिखाई हो, इससे पहले इन्हीं हिंसाओं के बारे में सुनने के कारण पिछले चरण में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का फैसला कर लिया था।
"जब मैंने अपने चाचा को अस्पताल में भर्ती कराया और कार्ड दिखाया तो अस्पताल के लोगों ने कहा कि यह राहुल गाँधी का अस्पताल है और यहाँ मोदी और योगी का कार्ड नहीं चलता है। हमने कार्ड पर दिए हेल्पलाइन नंबर से भी शिकायत की लेकिन, मदद नहीं मिली और इलाज न हो पाने के कारण मेरे चाचा की मौत हो गई।"
इससे पहले वरुण गाँधी ने कहा था, "किसने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं और 500 लोगों को मारा? इसलिए उनको श्राप लगा और उनके बेटे ने उन्हें जूते मारकर घर से निकाल दिया और अब पब्लिक उन्हें जूते मारकर बाहर निकालेगी।"
मोदी की पाकिस्तान नीति पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को लेकर उनकी पॉलिसी फ्लिप-फ्लॉप पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि मोदी पाकिस्तान तो गए ही, साथ ही उन्होंने आईएसआई को पठानकोट में निमंत्रण दिया।