“मैं भाजपा के नारों में विश्वास नहीं रखती। पैसा मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता, मगर जब पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल आकर कहते हैं कि टीएमसी लुटेरों से भरी पड़ी है तो मुझे उन्हें थप्पड़ मारने का मन हुआ।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी के बाद कॉन्ग्रेस के साथ ही अन्य पार्टियों ने भी इसका कड़ा विरोध किया था। वहीं सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। लोगों का कहना था कि किसी के मृत्यु से उसके अपराध नहीं ख़त्म हो जाते।
भोपाल में दिग्विजय सिंह ने कंप्यूटर बाबा की अगुवाई में पत्नी अमृता के साथ पूजा पाठ और हवन किया। कंप्यूटर बाबा ने दिग्वियज सिंह के समर्थन में हजारों की संख्या में साधु संत को लेकर भोपाल में कैंप लगाकर हठयोग शुरू कर दिया है।
सुरेश AAP की रैलियों और सार्वजनिक बैठकों के लिए एक आयोजक के रूप में काम करता था। पुलिस ने पार्टी के रजिस्टर्ड कार्यकर्ता से भी इस बारे में पूछा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वो आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों को आयोजित करने में मदद किया करता था।
स्वरा भास्कर जिस घटना के बारे में बात करते हुए उसे किसानों की हत्या ठहरा रही हैं, वो असल में हत्या नहीं, अपितु आत्मरक्षा थी, और वो न्यायसंगत था। स्वरा को उसके लिए गठित न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट पढ़नी चाहिए। लेकिन 'लाल-सलाम' वाले ठीक से पढ़ेंगे तो चे-गुआरा की टी-शर्ट कौन पहनेगा भला!
"उसकी वेशभूषा पर मत जाओ। सिर्फ़ इसलिए कि एक व्यक्ति संत की तरह दिखता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति संत ही है। यह मत भूलिए कि जब रावण सीता का अपहरण करने के लिए आया था, तो उसने भी एक संत की तरह कपड़े पहने हुए थे।"
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और राज्य में कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि नींद की कमी ने पीएम मोदी को मानसिक रोगी बना दिया है। बघेल ने साध्वी प्रज्ञा को चाकूबाज बताते हुए कहा कि वह शुरुआत से आदतन अपराधी और झगड़ालू प्रवृत्ति की रही हैं।
भाजपा की तेलंगाना इकाई के नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने पक्षपातपूर्ण ढंग से काम किया और केवल हिंदू संगठनों के सदस्यों पर लाठीचार्ज किया। जबकि गैर-कानूनी काम करने वाले लोग अभी भी खुला घूम रहे हैं।
पश्चिम बंगाल अपनी हिंसक गतिविधियों को लेकर शुरुआती दौर से ही चर्चा में रहा है। बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लेकर तो वहाँ आए दिन विवादों की ख़बरें सामने आती रहती हैं। कभी चुनाव अधिकारी के ग़ायब होने की ख़बर आती है, तो कभी बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बम बरसाने की ख़बर का ख़ुलासा होता है।