पीएम मोदी ने बताया कि संसद प्रारंभ होने से लेकर अब तक 7500 से अधिक व्यक्ति दोनों सदनों में सांसद के रूप में सेवाएँ दे चुके हैं, जिनमें 650 से अधिक महिलाएँ रही हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि सिद्दारमैया जब आते हैं और वो महिला उन्हें तिलक लगाने के लिए आगे बढ़ती है, तब कर्नाटक के CM उसे हाथ से इशारा करके रुकने का संकेत करते हैं।
कावेरी जल विवाद 140 साल से भी अधिक पुराना है। इसकी शुरुआत साल 1881 में तब हुई जब मैसूर राज्य ने कावेरी नदी पर बाँध बनाने का फैसला किया। अब तक लड़ रहे कर्नाटक और तमिलनाडु।