शनिवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू में बड़ी संख्या में लोग नक्शे के खिलाफ जगह-जगह सड़कों पर उतर आए और सुबह से ही सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारियों ने अब उपनिवेशवाद और अश्वेतों की गुलामी को समर्थन देने वालों की मूर्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है और उन्हें हटाए जाने की माँग भी जोर-शोर से उठ रही हैं।
सरिता गिरि ने दावा किया कि नेपाल की जनता भी नहीं चाहती है कि नक्शे को लेकर भारत के साथ कोई विवाद हो। उनकी राय थी कि नेपाल का नया नक्शा जारी करने से पहले भारत से बातचीत करनी चाहिए थी।
8 पैनलिस्टों में से 7 दक्षिण अफ्रीका के थे जबकि सिर्फ़ एक भारत से और वो हैं आनंद शर्मा। कॉन्ग्रेस के जाने-माने नेता। आनंद शर्मा ने डिस्कशन में हिस्सा भी लिया।