90 के दशक में कश्मीरी पंडितों का नरसंहार पहली बार नहीं हुआ था। 14वीं शताब्दी में सूफी संतों से मिली सीख पर सिकंदर बुतशिकन ने इस काम को धड़ल्ले से किया था।
पंजाब में AAP की सरकार बनने से पहले ही उस पर सरकारी खजाने से विज्ञापनों के लिए 85 लाख रुपए लुटाने के आरोप लगे हैं। शपथग्रहण के लिए 40 एकड़ गेहूँ खेत बर्बाद किए।