देश के जिन राज्यों में कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, उनके 75 जिलों को पूरी तरह से लॉकडाउन किया गया है। इसके साथ ही सभी शहरों की मेट्रो 31 मार्च तक बंद रहेंगे।
कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है। लोगों को हाथ न मिलाने से लेकर एक-दूसरे से दूर रहने को कहा जा रहा है। लेकिन, सीएए विरोधी इसे नजरंदाज कर अपने साथ दूसरों के जीवन के लिए भी संकट पैदा कर रहे हैं।
नक्सलियों ने 600 सुरक्षा बलों की टीम पर फायरिंग की। नक्सलियों के नए मुखिया बासवराजू ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। नक्सलियों ने अपने हथियारों को भी दुरुस्त कर लिया है और वो ग्रेनेड लॉन्चर का प्रयोग करने में लगे हुए हैं।
जहाँ एक तरह पीएम मोदी जनता कर्फ्यू की अपील कर लोगों को संक्रमण से बचाव के उपायों पर अमल करने को कह रहे हैं, वहीं कुछ नेता लगातार अफवाह फैलाने में लगे हैं। त्रिवेदी उनमें से ही एक हैं। कॉन्ग्रेस परस्त पत्रकार इसे आगे बढ़ाने में लगे हैं।
बिहार में अब तक कोरोना के दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से एक की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि राज्य में हाल में विदेश से 520 लोग लौटे हैं। इसके कारण आशंका जताई जा रही है कि कोरोना के और भी मरीज हो सकते हैं, जिन्हें आइसोलेट कर इलाज किए जाने की ज़रूरत है।
इरफान अहमद और आदिल बशीर पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में थे। युवाओं को आतंकी समूह के साथ जुड़ने के लिए बरगलाते थे। इनके पास से एके-47 भी बरामद किया गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि हो सकता है कि शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया हो। हालाँकि, इस सम्बन्ध में अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।
तानिया आइएस की तर्ज पर भारत में इस्लामिक राज्य की स्थापना करना चाहती थी। उसका सहयोगी मनाजीरुल इस्लाम भी पकड़ा गया है। वह भी तानिया की तरह छात्र है। इस्लाम भी लगातार पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में था।
“कनिका कपूर को अस्पताल में उपलब्ध सबसे बेहतर सेवा दी जा रही है। लेकिन उन्हें बतौर मरीज हमारे साथ सहयोग करना चाहिए, ना कि वह अपने स्टार वाले नखरे दिखाएँ। उन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट दी जा रही है जो कि अस्पताल के किचन में तैयार की जा रही है।”
कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू की अपील की थी। इसका असर पूरे देश में दिख रहा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग अपने घरों में रहकर इस संकट के वक्त अपने दायित्वों को निभा रहे हैं।