आर्टिकल 370 हटाने के मोदी सरकार के इस कदम का कई कॉन्ग्रेस के नेताओं ने भी पार्टी लाइन से हटकर समर्थन किया है। मिलिंद देवड़ा और जनार्दन द्विवेदी के बाद अब इस कड़ी में राहुल गाँधी के करीबी और कॉन्ग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी जुड़ गया है।
"हम भारत की विधायी इकाई में अपना प्रतिनिधित्व माँग रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को बाँटकर बनाए गए दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रिजर्व सीटों पर गिलगिट-बाल्टिस्तान के लिए भी सीटें होनी चाहिए। हमारा मानना है कि भारत की राज्यसभा और लोकसभा में भी हमारा प्रतिनिधित्व होना चाहिए। हम भारत का अभिन्न हिस्सा हैं।"
पाकिस्तान के संसद में इमरान खान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में भारत के सभी नागरिकों के अधिकार समान नहीं हैं।
याचिका में कहा गया है कि आर्टिकल 370 को हटाने के लिए सरकार ने आर्टिकल 367 में जो संशोधन किया है, वह असंवैधानिक है। सरकार ने मनमाने और असंवैधानिक ढंग से ये बदलाव किया। इसलिए सुप्रीम कोर्ट से अपील है कि इस अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित कर रद्द किया जाए।
लोकसभा में अमित शाह की ओर से लाया गया संकल्प स्वीकार किया गया है। इसके पक्ष में 370 और विपक्ष में 70 वोट पड़े हैं। एक सांसद ने अपना मत नहीं डाला, जबकि कुल 441 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा लिया है। इसके साथ ही लोकसभा से भी जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल 2019 पास हो गया है।
भाजपा की ओर से लोक सभा में मोर्चा संभालने वालों में से एक थे लद्दाख के सांसद जाम्यांग त्सेरिंग नामग्याल, जिन्होंने राज्य के विभाजन के समर्थन में लद्दाख का पक्ष रखा।
Article 370 और कश्मीर पर केंद्र के फैसले के विरोध में मीटिंग कर रहे वामपंथी कार्यकर्ताओं से इसके समर्थन में जश्न मना रहे युवकों की भिड़ंत हो गई। इस दौरान समर्थकों ने लाठी-डंडे से हमला कर सीपीआई के सुमंत कुमार का सिर फोड़ दिया। 3 अन्य लोगों को...
कॉन्ग्रेस को भय है कि समर्थन करने में मुस्लिम वोट बैंक से हाथ धोना पड़ सकता है और विरोध करने में हाल ही में अपनाया गया ताजातरीन हिंदुत्व खतरे में पड़ सकता है इसलिए बेहतर है कि इस सब चर्चा से ऊपर उठकर नेहरू जी के नाम का कलमा पढ़ा जाए।
श्रीनगर के हाजी बाग कैंप, सोम्यार मंदिर, इस्लामियां कॉलेज, छोटा बाजार समेत 9 इलाकों में अराजक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी की गई है। जबकि कुछ अन्य इलाकों में लोगों के सड़कों पर उतर आने और पाबंदियों का विरोध करते हुए प्रदर्शन किए गए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी ने 370 के अस्थायी होने के भाजपा के तर्क पर भी सवाल उठाए। उन्होंने BJP को गोपालस्वामी अयंगर के भाषण पढ़ने तक की सलाह दे डाली। एक दिन पहले वह कश्मीर को 'मुस्लिम राज्य' बता चुके थे।