स्टालिन का कहना है कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव से घबरा रही है... उन्होंने जब इस आसन्न जल-संकट की चेतावनी एक साल पहले दी थी तो अन्नाद्रमुक ने बात अनसुनी कर दी थी।
किस्सा चाहे गुरमीत राम रहीम का हो या फिर संजय दत्त जैसे लोगों का, यह पैरोल ताकतवरों का आसान हथियार साबित होती जा रही है, जिससे उन नामी अपराधियों के अपने हितों के साथ उनके 'अच्छे आचरण' का हवाला देने वालों के हित भी सलामत रहें।
इंस्पेक्टर नज़ीर अली ख़ान ने बताया कि आरोपितों द्वारा इस्तेमाल की गई बन्दूक नकली है और उसे मेले से ख़रीदा गया है। लेकिन, लोगों का कहना है कि उन पिस्टलों से असली बन्दूक की तरह धुआँ निकलता दिख रहा था। हिंदुस्तान में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के दावों में झूठ ज्यादा दिखाई दे रहा है।
एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने 11 जून को मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 186 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 131 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने पुलिसवालों की गवाहियों को विश्वसनीय मानते हुए ये फैसला सुनाया था और बहस के लिए 25 जून की तारीख मुकर्रर की गई थी।
हमले की सफलता का कोई वीडियो न होने के बावजूद पायलटों के मन में सफलता को लेकर कोई संदेह नहीं है। “मुझे स्पाइस बमों के निशाने पर गिरने में कोई संदेह नहीं है।”
सुसाइड नोट में सोहनलाल ने लिखा, "मैं आज अपनी जीवन लीला समाप्त करने जा रहा हूँ। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। इस मौत के जिम्मेदार गहलोत व सचिन पायलट हैं। उन्होंने बकायदा बयान दिया था कि हमारी सरकार आई तो 10 दिन में आप का कर्ज माफ कर देंगे। अब इनके वादे का क्या हुआ। सभी किसान भाइयों से विनती है कि मेरी लाश तब तक मत उठाना जब तक सभी किसानों का कर्ज माफ ना हो।
2 महीने पहले आरोपित इमरान के भाई गुड्डू ने भी बच्ची का बलात्कार करने की कोशिश की थी और उसे फुसला कर ले जा रहा था। वह बच्ची को रुपए का लालच देकर ले जा रहा था लेकिन तभी बच्ची की सौतेली माँ ने यह देख लिया और बच्ची को बचाया जा सका।
समिति की रिपोर्ट के मुताबिक देश के बाहर भेजा गया धन पैदा होने वाले काले धन का महज़ 10% है। समिति ने यह भी कहा कि उपरोक्त अनुमान भी महज़ अनुमान हैं, क्योंकि ऐसी किसी गणना को करने के किसी भी तरीके पर आम सहमति नहीं है।
यह पहली बार नहीं है जब कॉन्ग्रेस ने हिन्दू धर्म के अंतर्गत आने वाले समुदायों को अलग-अलग दिखाने या अलग करने की चेष्टा की हो। इससे पहले कर्नाटक में कॉन्ग्रेस ने लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देकर उनका वोट लेने की कोशिश की थी।