प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मैं राहुल गाँधी से आग्रह करता हूँ, अगर मेरे माता-पिता ने कुछ गलत किया हो तो आकर बताइये। मुझ पर दया करने की कोई ज़रूरत नहीं।"
शाह ने कहा कि बीजेपी 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी और केंद्र में एनडीए की सरकार बनेगी। इसके साथ ही अमित शाह ने दावा किया कि 2014 में जिन 120 सीटों पर BJP नहीं जीती थी, उनमें से 80 सीटों पर उनकी जीत होगी।
सरदेसाई पर इस तरह से सीधा अटैक करने के बाद, कॉन्ग्रेस के लिए तमाम तरह से जीवन भर पैडलिंग करने के बावजूद, राजदीप के पास ऐसा एक भी काम नहीं था कॉन्ग्रेस का जिसे वो बनारस की जनता को गिना सकें। वहाँ बैठे बनारसियों ने उन्हें पानी पीला दिया और दुकान पर बैठे लोगों ने इस सन्नाटे को चीरने के लिए माहौल मोदी मय कर दिया। साथ ही यह भी बता दिया कि बनारस किसी के भड़कावे में नहीं आने वाला, वह विकास के साथ है, मोदी के साथ है।
अनिल सौमित्र ने अपने फेसबुक पोस्ट में विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था, “महात्मा गाँधी राष्ट्रपिता थे, लेकिन पाकिस्तान राष्ट्र के। भारत राष्ट्र में तो उनके जैसे करोड़ों पुत्र हुए। कुछ लायक तो कुछ नालायक।”
नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने की प्रबल इच्छा रखकर महागठबंधन की रैली से लेकर चार्टर प्लेन में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ घूमने वाले NDTV के वरिष्ठ पत्रकार कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। विगत 4-5 सालों में देखने को मिला है कि अक्सर यह पत्रकार, शादी-बरात में नाराज फूफा की तरह ही मीडिया और प्राइम टाइम में नजर आते रहे हैं।
ट्रंप के नए प्रस्ताव से पिछले आँकड़े पूरी तरह पलट जाएँगे। इस प्रस्ताव में कुशल कर्मियों के लिए आरक्षण को करीब 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 57 प्रतिशत करने की बात की गई है।
राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि हिमाचल में चीन से सेब लाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "क्या हिंदुस्तान का सेब मेड इन इंडिया नहीं है, मेड इन चाइना है क्या, जो सेब उगाते हैं उनका नरेंद्र मोदी ने कितना कर्जा माफ किया? वह तो कहते हैं कि चाइना का सेब खाओ, हिमाचल में पकौड़े तलो।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने खुद अपने ट्विटर हैंडल से ये जानकारी दी है कि नेताओं के बयानों को अनुशासन समिति के पास भेजा गया और उन्हें दस दिन दिनों के भीतर जवाब देना है। इस मामले में उन्होंने शुक्रवार (मई 17, 2019) को तीन ट्वीट किए।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की बेंच ने मालेगाँव ब्लास्ट मामले की विशेष जाँच समिति (SIT) से जाँच कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। कोर्ट का कहना था वो अपनी इस याचिका को ट्रायल कोर्ट में ही दाखिल करें।
पाक विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानियों को उनके देश भेजने को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद हुआ। इसके कारण अमेरिका ने तीन वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारियों को वीसा देने से मना कर दिया