दुर्घटना की जाँच में जुटी टीम की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेन्को द्वारा दी जानकारी के मुताबिक विमान में मौजूद 78 लोगों में 37 लोग जिंदा हैं यानि 41 लोगों की मौत हुई हैं।
ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। ट्विटर पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हुए एक यूज़र ने लिखा, "ये क्या हो रहा देश में। कुछ कानून नाम के कोई चीज है या नही। पूरी गुंडा गर्दी हो रही है।"
आम आदमी पार्टी के समर्थकों या फिर प्रशंसकों के लिए अब केजरीवाल के नजदीक जाना काफी मुश्किल होगा। अब वो पहले की तरह करीब जाकर ना तो हाथ मिला सकते हैं और ना ही माला पहना सकते हैं। केजरीवाल के आस-पास सुरक्षाबलों का मजबूत घेरा होगा।
कुछ दिनों पूर्व श्री लंकाई सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके की टिप्पणी आई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईस्टर हमले के संदिग्ध भारत में कश्मीर गए थे और उन्होंने केरल राज्य की यात्रा भी की थी।
ऐसा पहली बार नहीं है कि टीएमसी के गुंडों ने खुलेआम अपनी गुंडागर्दी दिखाई हो, इससे पहले इन्हीं हिंसाओं के बारे में सुनने के कारण पिछले चरण में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का फैसला कर लिया था।
"जब मैंने अपने चाचा को अस्पताल में भर्ती कराया और कार्ड दिखाया तो अस्पताल के लोगों ने कहा कि यह राहुल गाँधी का अस्पताल है और यहाँ मोदी और योगी का कार्ड नहीं चलता है। हमने कार्ड पर दिए हेल्पलाइन नंबर से भी शिकायत की लेकिन, मदद नहीं मिली और इलाज न हो पाने के कारण मेरे चाचा की मौत हो गई।"
ज़मानत मिलने के बाद उक्त युवक और उग्र हो गया और उसने रिटायर्ड स्टेशन मास्टर के घर पहुँच कर उनसे मारपीट की। विरोध करने पर उसने फायरिंग भी की। सूचना पर पुलिस फिर पहुँची लेकिन आरोपित तब तक फरार हो गया था।
नक्सली लोगों की बेरहमी से हत्या कर रहे हैं। माड़ के एक दर्जन से भी अधिक गाँवों से नक्सलियों द्वारा इस तरह की बंदिशें लगाने की सूचनाएँ आ रही हैं। गाँव के 31 परिवारों को नक्सलियों ने भगा दिया है और वे सभी जिला मुख्यालय में शरण लिए हुए हैं।