"मकरान कोस्टल हाईवे पर बस को रोका गया और 14 लोगों को मार दिया गया। मृतकों में एक नौसेना अधिकारी और एक तट रक्षक सदस्य भी मारा गया। ऐसा अनुमान है कि सभी पीड़ित..."
पश्चिम बंगाल में 6 चरण में मतदान हो रहे हैं। शुरुआती चरणों में सबसे ज्यादा हिंसक घटनाएँ पश्चिम बंगाल में हो रही हैं। आज भी वामपंथी नेता मोहम्मद सलीम पर हमला हुआ है।
अली पिछले एक साल से भारत आने के लिए परेशान है। अली के इस ट्वीट का जवाब देते हुए सुषमा स्वराज ने लिखा है, "खुदकुशी की बात नहीं सोचते हैं। हम हैं न।" सुषमा ने कहा हमारी ऐम्बेसी आपकी पूरी मदद करेगी।
कॉन्ग्रेस के 10 साल भी जनता को याद हैं, कॉन्ग्रेस ने आते ही जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दी।" साध्वी ठाकुर ने कहा कि ये देश का कार्य है, इसमें सबको साथ आकर काम करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वो 23 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगी।
पीड़िता का दावा है कि पुलिस अधिकारी मामले की जाँच का बहाना बनाकर उसे अपने घर ले गया। जहाँ पर पुलिस अधिकारी ने उसके साथ बलात्कार किया और साथ ही उसकी वीडियो भी बना ली। इसके बाद पुलिस अधिकारी ने उसे धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को भी बताने की गलती न करे।
भारतीय जनता पार्टी ने इन विज्ञापनों के प्रसारण को रोकने की अपील की थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव की अध्यक्षता वाली कमिटी ने इन विज्ञापनों के प्रसारण की अनुमति को निरस्त करने का फैसला लिया है।
गुजरात में लगभग 600 से अधिक पाकिस्तानी हिंदू अप्रवासी ऐसे हैं, जो 2019 के लोकसभा चुनावों में पहली बार मतदान करेंगे। साल 2015 में मोदी सरकार द्वारा भारत की नागरिकता दिए जाने के बाद अब ये लोग मोदी सरकार को वोट डालने के लिए तैयार हैं।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले में एक भाजपा कार्यकर्ता का शव पेड़ से लटका मिला। ओडिशा में 26 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता सदानंद बेहरा का शव खून से लथपथ था। बूथ पर डराने-धमकाने वाली ख़बर की रिपोर्टिंग करने गए रिपोर्टर के साथ मारपीट... हो क्या रहा है इस देश में?
तनुश्री दत्ता ने कहा, "ऐसे लोग तो 'मी टू' अभियान को पटरी से उतारने का कार्य कर रहे हैं। बॉलीवुड झूठे, दिखावटी और डरपोक लोगों से भरा पड़ा है। सभी लोगों की राय है कि अब यह साइनपोस्ट अजय देवगन की तरफ़ इशारा कर रहा है।"
सोशल मीडिया पर चारों तरफ पाकिस्तानी सेना की बहादुरी की पोस्ट की जा रही थी। आखिर क्यों इस तरह कि खबर डाली गयी और कौन था इस खबर के पीछे? शायद आप यह भी नहीं जानते हैं कि मेजर जनरल आसिफ ग़फूर कौन है और किस पाकिस्तानी संस्था के लिए काम करता है।