Homeबड़ी ख़बरगुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जानिए क्या कुछ...

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जानिए क्या कुछ बोले

विजय रुपाणी 7 अगस्त, 2016 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए थे। आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे से ये पद खाली हुआ था, जो फ़िलहाल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शनिवार (11 सितंबर, 2021) को राज्यपाल आचार्य देवव्रत को अपना इस्तीफा सौंपा। अचानक हुए इस घटनाक्रम ने सबको हैरान कर दिया है क्योंकि भाजपा के अंदरखाने के लोग भी इससे अनजान थे। उनके इस्तीफे से पहले गाँधीनगर में कुछ बैठकें हुईं। विजय रुपाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर देने के लिए भाजपा आलाकमान को धन्यवाद दिया।

विजय रुपाणी ने कहा कि नेतृत्व का बदलते रहना भाजपा की प्रकृति में ही है। हालाँकि, उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अंतर्गत जनसेवा का काम करते रहने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में बार-बार लोगों ने भाजपा में अपना विश्वास जताया है। इससे पहले भाजपा उत्तराखंड और कर्नाटक में भी नेतृत्व-परिवर्तन कर चुकी है। कर्नाटक में येदियुरप्पा व उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत व उससे पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत को इस्तीफा देना पड़ा था।

विजय रुपाणी 7 अगस्त, 2016 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए थे। आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे से ये पद खाली हुआ था, जो फ़िलहाल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं। मई 2012 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद आनंदीबेन पटेल के नाम पर मुहर लगी थी। उससे पहले मोदी ही गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे और उन्होंने भाजपा को राज्य में एक के बाद एक तीन विधानसभा चुनाव जिताए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -