Tuesday, October 27, 2020
Home हास्य-व्यंग्य-कटाक्ष आतंकी की प्रेमिका ने कहा: जब वो ट्रेनिंग से घर लौटता था, मैं उसकी...

आतंकी की प्रेमिका ने कहा: जब वो ट्रेनिंग से घर लौटता था, मैं उसकी नग्न पीठ पर ‘जिहाद’ लिखती थी…

“जब भी हम इंडियन एक्सप्रेस, क्विंट, वायर, NDTV की खबरें पढ़ते हैं कि उसका बाप हेडमास्टर था, भाई बोर्ड में था, चाचा आतंकवादी था, तो हमें बड़ा दुख होता है कि नारीशक्ति के चरम वाले इस युग में भी गर्लफ्रेंडों की बात कोई नहीं करता।” इतना कह कर बिलख-बिलख कर हमारे रिपोर्टर की छाती पर मुक्का मारते हुए वो नवयुवती फूट-फूटकर रोने लगीं।


आतंकवादियों की प्रेम कहानी के न होने का जिक्र यूँ तो शाका ने बहुत साल पहले ही कर दिया था, लेकिन फिर भी कुछ लोग सुधरते नहीं, प्रेम कर ही लेते हैं। साथ ही, आतंकियों के मरने पर उसके बाप, चाचा, भाई, बेटे की बातें तो सब करते हैं, लेकिन प्रेमिकाओं के बारे में जानकारी कम ही मिल पाती है।

“शाका का बस चले तो यहाँ का हर मंडप जला दे, यहाँ से चालीस गाँव में किसी की शादी ना हो।” दाएँ कंधे को जरा ज्यादा झुकाकर, जुबान में विमल पान दबाए, टेढ़ी चाल में चलते हुए शाका की इन बातों में प्यार में धोखा खाए प्रेमी को अनुभवी दारा की पारखी निगाहों ने पहचान लिया था।

“प्रेमी है… पागल है… दीवाना है… लेकिन ये मत भूल कि दुनिया की नजरों में तू आतंकवादी है।” और इसके आगे दारा ने वो कालजयी बात कह डाली, जो प्यार में धोखा खाए हर दूसरे इंसान की जीवनी बन गई – “…लेकिन आतंकवादी की प्रेम कहानी नहीं होती।”

हाहाहा के ठहाके लगाते हुए दारा ने मटका बजाना शुरू किया और अपनी सुरीली आवाज में एक नज़्म गाई जो किसी क़ाफ़िर कवि नहीं बल्कि मुगलों द्वारा भारत लाए गए शायर मिर्चा गालिव ने जिहादियों को समर्पित कर लिखी थी।

इस नज़्म के लिरिक्स कुछ इस तरह थे – “इक प्रेम कहानी में, इक लड़की होती है, इक लड़का होता है…” इस नज़्म में ‘लड़का-लड़की’ का जिक्र तो था लेकिन कहीं भी आतंकवादी का जिक्र नहीं था। हालाँकि ये नज़्म इस लाइन से आगे कभी भी पूरी नहीं सुनी और गाई गई।

दारा और शाका की प्रेम कहानी पर चर्चा का एक दुर्लभ दृश्य

समय बीतता गया। एक के बाद एक जिहादी जन्नत उल फिरदौस के स्वप्न को गंभीरता से लेकर भारतीय सेना की गोलियों को हँसकर निगलते रहे। लेकिन जमात-ए-लिबरल-मीडिया गिरोह ने जो दगाबाजी इन युवा आतंकवादियों के साथ की, वो ये कि कोई उनके हेडमास्टर पिता पर बात करता रहा, कोई उनकी पढ़ाई पर, कोई ये साबित करता नजर आया कि आतंकवादी की गणित अच्छी थी और इसका इस्तेमाल उसने कार्ड्स खेलते हुए जमकर किया।

यहाँ तक भी बताया गया कि वो कभी भी अन्य आतंकवादियों के साथ पत्ते खेलते हुए हारा नहीं और इसके लिए उसकी गणित पर पकड़ जिम्मेदार थी। लेकिन किसी ने कभी ये नहीं पूछा कि फलाने मोहम्मद, जो कल सेना द्वारा मारे गए, क्या उन फलाने मोहम्मद की भी कोई गर्लफ्रेंड थी?

आतंकियों के प्रेम में डूबी युवती के लिए क्यों प्राइम टाइम स्क्रीन काली नहीं की जाती?

सेना की गोलियों से मारे जा रहे जिहादियों की मौत के बाद कभी इस बात को लेकर स्क्रीन काली नहीं की गई कि अपने पीछे जो वो अपनी कुछ गर्लफ्रेंड्स को छोड़ गया है, उनका भविष्य अब क्या होगा? यह तो दूर की बात है, कभी यह चर्चा तक नहीं उठाई गई कि उसकी गर्लफ्रेंड क्या करती थी?

उसका आतंकी मजनू जब बम फोड़ने की ट्रेनिंग लेकर घर लौटता था, तो क्या वो अपनी उंगलियों से उसकी पीठ पर ‘जिहाद’ लिखती थी या नहीं? उसे फ्राइड मोमो पसन्द थे या फिर बिरयानी? उसके काजल का रंग भगवा था या हरा?

ऑपइंडिया ने अक्सर ऐसी पहल करने के प्रयास किए। हालाँकि, इस बात पर संशय बरकरार है कि ऑपइंडिया की इस पहल को देश के लिबरल गिरोह ने कभी सराहा या नहीं!

हाल ही की एक घटना में सेना द्वारा जन्नत भेजे गए एक आतंकवादी की महबूबा के इस अधिकार से चिंतित होकर ऑपइंडिया ने उनसे सम्पर्क स्थापित किया।

उन्होंने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया, “जब भी हम इंडियन एक्सप्रेस, क्विंट, वायर, NDTV की खबरें पढ़ते हैं कि उसका बाप हेडमास्टर था, भाई बोर्ड में था, चाचा आतंकवादी था, तो हमें बड़ा दुख होता है कि नारीशक्ति के चरम वाले इस युग में भी गर्लफ्रेंडों की बात कोई नहीं करता।” इतना कह कर बिलख-बिलख कर हमारे रिपोर्टर की छाती पर मुक्का मारते हुए वो नवयुवती फूट-फूटकर रोने लगीं।

हमारा रिपोर्टर सख्त लौंडा समूह का प्रादेशिक अध्यक्ष था और उसने अपना पूरा ध्यान खबर पर रखा और कोमलांगी नवयौवना के सुकोमल हाथों को हटा कर उन्हें कहा कि वो अपने बारे में और बताएँ कि क्या मृतक सलीम 555 कम्पनी की बीड़ी पीता था या उसे विदेशी सिगरेट की लत थी?

वियोग श्रृंगार रस में डूबी युवती ने बताया कि हालाँकि किसी प्रकार का कार्बनिक नशा तो वो नहीं किया करता था लेकिन फॉल्ट न्यूज़ के फैक्ट चेक और सबा नकली के किसी ट्वीट को वो मिस नहीं करता था। यही नहीं, उसने बताया कि वह बिग-बीसी और दी लायर का भी नियमित पाठक था।

युवती ने ऑपइंडिया से बातचीत में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि जमात-ए-प्रोपेगेंडा के इन्हीं समाचार स्रोतों से उसके आतंकवादी बॉयफ्रेंड को यह प्रेरणा मिली थी कि एक दिन उसके गणित में अच्छे होने, अच्छा बॉयफ्रेंड, अच्छा शायर, होने के चर्चे भी देश की मीडिया के सामने होंगे।

जब हमने पूछा कि वो निजी ज़िंदगी में कैसा प्रेमी था तो जानूँ ने बताया, “अपनी सुकोमल उँगलियों से जब मैं आतंकी रियाज़ की पीठ पर गणित के ए प्लस बी का होल स्क्वायर की जगह ‘जिहाद’ लिख देती थी तो गणित का मास्टर ग्रेनेड की पिन निकालने को आमादा हो उठता था!”

“वो कहा करता था, ‘अपनी इन उँगलियों के नाखून से मेरी पीठ पर ‘जिहाद’ गोद दे… जब भी मैं जिहाद की बमबाजी से थक कर नीचे सुस्ताने बैठूँगा और मेरी पीठ किसी पत्थर को छुएगी तो इस रिसते जख्म के दुखते ही मैं वापस खड़ा हो कर दो बम और फोड़ दूँगा।’”

यह कहने के बाद नवयुवती रोने लगी, सिसकते हुए उसने आगे कहा, “वो बहुत ही दरियादिल आदमी था। अपनी कमाई के पैसे बच्चों को पत्थर फेंकने को प्रेरित करने में ही खर्च कर देता था। मैंने कई बार कहा कि एक लिप्सटिक दिला दे मुझे, तो वो मेरे होंठों पर बंदूक की नाल रगड़ देता था और कहता था कि जिहादियों की लिप्सटिक यही है।”

इसके साथ ही उसने बगल से वो रायफल निकाली तो हमारा रिपोर्टर डर ही गया। लेकिन उसने कर के बताया कि आतंकी गणितज्ञ रियाज उसके होंठों पर बंदूक से कैसे लगाता था लिप्सटिक।

प्रेमी की मौत से क्षुब्ध नवयुवती ने एक ऐसी डायरी भी हमें दिखाई, जिसमें शहीद हो चुका आतंकवादी छुप छुपकर कविता भी लिखा करता था। इनमें से एक कविता इस प्रकार है –

“सुन पगली तुझे ऐसा प्यार करूँगा कि तेरे होंठों की लिपस्टिक बिगड़ेगी But प्रॉमिस तेरे आँखों का काजल कभी नहीं बिगड़ेगा – HeArt हैकर रियाज़ उर्फ अब्दुल”

ये सेक्युलर नज़्म पढ़ते हुए दिवंगत आतंकी की प्रेमिका एक बार फिर हमारे संवाददाता से लिपटकर फूट-फूटकर रोई। भावुक संवाददाता ने किसी प्रकार खुद को संभाला और आगे की जानकारी के लिए बातचीत जारी रखी। संवाददाता ने अपने दल को बताया कि उसने युवती की बातों में एक बार के लिए खुद के दर्द को भी महसूस किया।

वास्तव में, यह अक्सर देखा गया है कि NDTV, The Wire, The Quint, आदि आतंकवादियों की खाने-पहनने, नाचने-गाने के शौक पर तो खूब साहित्य लिखते हैं लेकिन आतंकवादियों की जिंदगी के इस अहम पहलू, यानी उनकी लव-लाइफ़ पर कभी भी प्रकाश नहीं डालते।

इन तथाकथित मीडिया वालों को जनता के सामने यह बात भी रखनी चाहिए कि आतंकवादियों की भी प्रेम कहानी हुआ करती है। और कभी-कभी तो वही सेना से उनकी मुखबिरी कर उन्हें मरवाने में मददगार भी साबित होती है।

आतंकवादियों की प्रेम कहानी बन सकती है युवाओं के लिए सबक

आतंकवादियों की लव-लाइफ़ के पहलू से प्रेम में धोखा खाए उन युवाओं को भी बड़ी प्रेरणा मिल सकती है, जिन्होंने फेसबुक एंजल प्रिया बनना भी स्वीकार किया इसके बावजूद भी वो एक गर्लफ्रेंड बना पाने में नाकाम रहे और आखिर में उन्होंने अपना जीवन टिकटोक वीडियो के नाम कर दिया।

वायर, क्विंट, NDTV अगर यह ख़बर जनता के सामने नहीं लेकर आएँगे कि आतंकवादियों के सीने में भी एक दिल होता है, जो छुप-छुपकर नज़्म भी लिखता है, जिनकी मौत के बाद उनकी प्रेमिकाएँ सख्त संवाददाताओं से लिपटकर फूट-फूटकर रोती हैं, तो जनता के मन में उनके इस मानवीय पहलू के प्रति संवेदना कैसे पैदा होगी?

कुछ आतंकवादी भाग्यशाली थे कि वो गणित में अच्छे थे, उनके पिता स्कूल में हेडमास्टर थे, या फिर उनकी एक प्रेमिका थी। ये सारे भाग्यशाली आतंकी थे।

जरा उन आतंकवादियों का सोचिए, जो गणित में भी अच्छे नहीं, जिनका बैंक PO में भी चयन नहीं हुआ, जिनकी प्रेमिका ने ठीक उनके UPSC इंटरव्यू की पहली शाम कहा कि घरवाले नहीं मानेंगे, और फिर भी दारा की उस एक बात को दिल पर लगाए जिंदगी भर मटका बजाकर उसे फोड़ने लगे, जिसमें दारा ने शाका से कहा था कि आतंवादियों की प्रेम कहानी नहीं होती… हा हा हा

दारा और शाका का वह संवाद, जिसे जिहाद चुनने से पहले हर आतंकवादी को देखना चाहिए –

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

15000 स्क्वायर किलोमीटर जंगल भी बढ़े और आदिवासी तरक्की के रास्ते में विकास के पार्टनर भी: प्रकाश जावड़ेकर

"बदलाव हम हर साल एफलिएशन में करते हैं। वो 1100 शिक्षक के सुझाव पर आधारित हैं। वो इतने सार्थक हैं कि 900 पेज का बदलाव हुआ, लेकिन..."

‘बिहार में LJP वोटकटुआ का काम करेगी, इससे परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा’- प्रकाश जावड़ेकर

"बिहार में भाजपा समर्थक सवाल उठा रहे कि वहाँ पर भाजपा अकेले चुनाव क्यों नहीं लड़ती? क्या इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व में बातचीत होती है?"

‘OTT प्लेटफॉर्म सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करे, फेक न्यूज पर PIB अच्छा कर रही है’ – प्रकाश जावड़ेकर

“इसके अच्छे और बुरे दोनों तरह के नतीजे आ रहे हैं। इसलिए हमने OTT प्लेटफॉर्म को कहा है कि वो सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करें।"

370 हटने के बाद लद्दाख का पहला चुनाव, BJP ने मारी बाजी: 26 में 15 सीटों पर जीत, AAP को जीरो

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद यह पहला चुनाव था। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC) के चुनाव में...

माँ-बाप दाेनों रहे CM फिर भी पास नहीं कर पाए मैट्रिक: तेजस्वी पर योगी आदित्यनाथ की टीम ने यूँ कसा तंज

“ये है तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ का सच। गुस्साए लोगों ने कहा, 500 रुपए देकर 5 साल राज करना चाहता है तेजस्वी। वोट मोदी को ही देंगे...”

गोहत्या: 18 घटनाएँ, जहाँ रंगेहाथ पकड़े गए 87 गौ-तस्कर, जिनसे मिले कुल 2604 गौवंश अवशेष

उच्च न्यायालय ने निर्दोष व्यक्तियों को फँसाने के लिए उत्तर प्रदेश गोहत्या निरोधक कानून के प्रावधानों के लगातार दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की।

प्रचलित ख़बरें

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

ससुर-नौकर से Sex करती है ब्राह्मण परिवार की बहू: ‘Mirzapur 2’ में श्रीकृष्ण की कथाएँ हैं ‘फ़िल्मी बातें’

यूपी-बिहार के युवाओं से लेकर महिलाओं तक का चित्रण ऐसा किया गया है, जैसे वो दोयम दर्जे के नागरिक हों। वेश्याएँ 'विधवाओं के गेटअप' में आती हैं और कपड़े उतार कर नाचती हैं।

एक ही रात में 3 अलग-अलग जगह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाला लालू का 2 बेटा: अब मिलेगी बिहार की गद्दी?

आज से लगभग 13 साल पहले ऐसा समय भी आया था, जब राजद सुप्रीमो लालू यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव पर छेड़खानी के आरोप लगे थे।

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

मंदिर तोड़ कर मूर्ति तोड़ी… नवरात्र की पूजा नहीं होने दी: मेवात की घटना, पुलिस ने कहा – ‘सिर्फ मूर्ति चोरी हुई है’

2016 में भी ऐसी ही घटना घटी थी। तब लोगों ने समझौता कर लिया था और मुस्लिम समुदाय ने हिंदुओं के सामने घटना का खेद प्रकट किया था

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"
- विज्ञापन -

15000 स्क्वायर किलोमीटर जंगल भी बढ़े और आदिवासी तरक्की के रास्ते में विकास के पार्टनर भी: प्रकाश जावड़ेकर

"बदलाव हम हर साल एफलिएशन में करते हैं। वो 1100 शिक्षक के सुझाव पर आधारित हैं। वो इतने सार्थक हैं कि 900 पेज का बदलाव हुआ, लेकिन..."

पैगंबर मुहम्मद के कार्टूनों का सार्वजानिक प्रदर्शन, फ्रांस के एम्बेसेडर को पाकिस्तान ने भेजा समन

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति का बयान बेहद गैर ज़िम्मेदाराना था और ऐसे बयान से सिर्फ आग को हवा मिलेगी।

राहुल बन नाबालिग लड़की से की दोस्ती, रेप के बाद बताया – ‘मैं साजिद हूँ, शादी करनी है तो धर्म बदलो’

आरोपित ने खुद ही पीड़िता को बताया कि उसका नाम राहुल नहीं बल्कि साजिद है। साजिद ने पीड़िता से यह भी कहा कि अगर शादी करनी है तो...

‘बिहार में LJP वोटकटुआ का काम करेगी, इससे परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा’- प्रकाश जावड़ेकर

"बिहार में भाजपा समर्थक सवाल उठा रहे कि वहाँ पर भाजपा अकेले चुनाव क्यों नहीं लड़ती? क्या इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व में बातचीत होती है?"

ताजमहल में फहराया भगवा झंडा, गंगा जल छिड़क कर किया शिव चालीसा का पाठ

ताजमहल परिसर में दाखिल होते ही उन्होंने वहाँ पर गंगा जल का छिड़काव किया और भगवा झंडा फहराया। शिव चालीसा का पाठ भी किया गया।

24 घंटे में रिपब्लिक TV के दिल्ली-नोएडा के पत्रकारों को मुंबई के पुलिस थाने में हाजिर होने का आदेश

अर्नब गोस्वामी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और महाराष्ट्र की उद्धव सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नाइंसाफी की इस लड़ाई में...

‘OTT प्लेटफॉर्म सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करे, फेक न्यूज पर PIB अच्छा कर रही है’ – प्रकाश जावड़ेकर

“इसके अच्छे और बुरे दोनों तरह के नतीजे आ रहे हैं। इसलिए हमने OTT प्लेटफॉर्म को कहा है कि वो सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करें।"

370 हटने के बाद लद्दाख का पहला चुनाव, BJP ने मारी बाजी: 26 में 15 सीटों पर जीत, AAP को जीरो

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद यह पहला चुनाव था। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC) के चुनाव में...

माँ-बाप दाेनों रहे CM फिर भी पास नहीं कर पाए मैट्रिक: तेजस्वी पर योगी आदित्यनाथ की टीम ने यूँ कसा तंज

“ये है तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ का सच। गुस्साए लोगों ने कहा, 500 रुपए देकर 5 साल राज करना चाहता है तेजस्वी। वोट मोदी को ही देंगे...”

गोहत्या: 18 घटनाएँ, जहाँ रंगेहाथ पकड़े गए 87 गौ-तस्कर, जिनसे मिले कुल 2604 गौवंश अवशेष

उच्च न्यायालय ने निर्दोष व्यक्तियों को फँसाने के लिए उत्तर प्रदेश गोहत्या निरोधक कानून के प्रावधानों के लगातार दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,311FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe