बांग्लादेश में जो स्थिति है उसके बाद 1975 का समय याद आता है जब बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीब-उर-रहमान को परिवार सहित सेना के बागी अधिकारियों ने मौत के घाट उतारा था।
बांग्लादेश में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच 100 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई घायल हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी भी हैं। हिंसक भीड़ ने मुल्क के 19 पुलिस थानों को निशाना बनाया।
एक तरफ योगेंद्र यादव 'बाबासाहब के सपनों' की बात करते हुए जाति मिटाने की भी बात करते हैं, दूसरी तरफ ये भी चाहते हैं कि हर कोई अपनी जातिगत पहचान आगे करे। दोनों चीजें एक साथ कैसे हो सकती हैं?
मृतक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी श्वेता फ़िलहाल गर्भवती हैं। उनका का आरोप है कि उनके पति के बार-बार हो रहे इस तबादले के पीछे कॉन्ग्रेस विधायक चन्नारेड्डी तन्नूर और उनके बेटे पंपनागौड़ा का हाथ था।
बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में सिराजगंज में 18 की मौत, नरसिंगडी में 6, फेनी में 5, रंगपुर में 4, ढाका, मगुरा, पबना, किशोरगंज और बोगुरा में 3-3, मुंशीगंज और सिलहट में 2-2, बरिशाल, सावर और कुमिला में एक-एक लोगों की मौत हो गई है।
मीनाक्षी जैन, राणा PB सिंह, विष्णु शंकर जैन, हरिशंकर जैन, विवेक अग्निहोत्री और अभिषेक अग्रवाल - ये ऐसे 6 किरदार हैं जो काशी विश्वनाथ पर बन रही फिल्म का आधार होंगे।
एक छात्रा ने अवध ओझा को गुंडा करार दिया। यही नहीं, छात्रा ने कहा कि वो कहने को इतिहास पढ़ाते हैं, लेकिन करते हैं सिर्फ ज्ञान की बातें, उनका सिलेबस तक पूरा नहीं है।
बांग्लादेश में जो आरक्षण विरोधी हिंसा और प्रदर्शन हुए थे, वो सिर्फ छात्रों का गुस्सा नहीं, बल्कि उनके गुस्से को इस्तेमाल करने वाले इस्लामिक आतंकवादी थे।
हसीब ने लिखा, "मुस्लिम एक हो गए तो पूरी फ़ोर्स लगाने के बाद भी रोक नहीं मिलेगा। शुक्र मनाओ कि मुसलमान फिरके-फिरके में पड़े हुए हैं और ये मौलवी इन्हें एक नहीं होने दे रहे हैं।"