Homeविविध विषयमनोरंजन'अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है, आगे-आगे देखो होता है क्या': करण जौहर को...

‘अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है, आगे-आगे देखो होता है क्या’: करण जौहर को कंगना ने फिर लताड़ा, कहा- कभी मुझे अंग्रेजी के लिए बेइज्जत किया था

कंगना ने इसी पोस्ट को देख लिखा, "एक वक्त था जब चाचा चौधरी इलाइट नेपो माफिया वालों के साथ नेशनल टेलीविजन पर मुझे शर्मिंदा करता था क्योंकि मुझे इंग्लिश नहीं आती थी। आज इनकी हिंदी देखकर ख्याल आया, अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है। आगे-आगे देखो होता क्या है।"

बॉलीवुड निर्देशक करण जौहर ने सोशल मीडिया पर एक नोट लिखा है। इस नोट में उन्होंने हिंदी में बिन किसी का नाम लिए उन पर निशाना साधा जो उनकी आलोचना करते रहे हैं। ये पोस्ट कंगना के उस आरोप के बाद सामने आया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रियंका को बैन करने के पीछे करण का हाथ था। उनके इस हिंदी पोस्ट के बाद अब कंगना ने दोबारा इस पर प्रतिक्रिया दी है और दोबारा से करण को आड़े हाथों लिया है।

करण जौहर ने अपने पोस्ट में लिखा था, “लगा लो इल्जाम, हम झुकने वालों में से नहीं हैं… झूठ के गुलाम बन जाओ, हम बोलने वालों में से नहीं… जितना नीचा दिखाओगे, जितने आरोप लगाओगे हम गिरने वालों में से नहीं… हमारा करम हमारी विजय है… आप उठा लो तलवार… हम मरने वालों में से नहीं हैं। “

करण जौहर और कंगना रनौत

कंगना ने इसी पोस्ट को देख लिखा, “एक वक्त था जब चाचा चौधरी इलाइट नेपो माफिया वालों के साथ नेशनल टेलीविजन पर मुझे शर्मिंदा करता था क्योंकि मुझे इंग्लिश नहीं आती थी। आज इनकी हिंदी देखकर ख्याल आया, अभी तो तुम्हारी हिंदी सुधरी है। आगे-आगे देखो होता क्या है।”

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी का करियर खत्म करने की बातों पर कंगना रनौत ने करण जौहर की क्लास लगाई। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर की थी जिसमें अनुष्का शर्मा के साथ बैठकर करण कह रहे थे कि वो अनुष्का का करियर का बर्बाद करना चाहते थे। उन्होंने रब दे बना दी जोड़ी में उनकी कास्टिंग का विरोध भी किया था। हालाँकि बाद में बैंड बाजा बारात देख उन्हें लगा कि वो कितने गलत थे। करण की यह बात सुन वीडियो में अनुष्का हँस रहीं थी जबकि कंगना ने इस पर भी कहा था कि चाचा चौधरी पर बर एक यही काम है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -